
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड/गोरमी। भिंड के गोरमी थाना से मारपीट का आरोपित अचानक गायब होने और अगले दिन खेत में बंधी हालत में मिलने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद स्वजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग को लेकर मेहगांव-गोरमी हाईवे पर जाम लगा दिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह डर के कारण थाने से भाग गया था।
जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल को गोरमी के वार्ड 5 निवासी देवेंद्र तिवारी और वार्ड 3 निवासी राजवीर सखवार के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रास केस दर्ज किया था।
देवेंद्र तिवारी पक्ष को चोटें भी आई थीं। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस ने नामजद आरोपितों राजवीर सखवार, गजराज सखवार पुत्र ग्याप्रसाद सखवार और रामनाथ सखवार पुत्र डरू सखवार को थाने बुलाया।
तीनों आरोपित अपने साथ दो रिश्तेदारों को भी लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपितों को थाने के अंदर बैठा लिया, जबकि उनके साथ आए लोगों को परिसर में बैठने के लिए कहा गया।
स्वजनों के अनुसार शाम करीब 7 बजे तक सभी थाने में ही बैठे रहे। इसके बाद स्वजनों ने आरोपियों को छोड़ने की बात कही, जिस पर पुलिस ने रात 9 बजे तक छोड़ने का आश्वासन दिया।
इसी दौरान रात में अचानक थाने की बिजली गुल हो गई। बिजली आने पर राजवीर ने देखा कि गजराज सखवार थाने से गायब है।
राजवीर के चचेरे भाई लालमन सखवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले बताया कि गजराज पेशाब के लिए गया था, लेकिन बाद में कहा गया कि वह भाग गया। इस पर स्वजनों ने घटना के विरोध में परिजन रातभर थाने के बाहर डटे रहे।
गोरमी टीआई आशुतोष शर्मा ने बताया कि थाने आकर पुलिस ने युवक से पूछताछ की तो पहले तो उसने गुमराह किया, लेकिन जब पुलिस ने आरोपित के बयानों की वीडियो रिकार्डिंग शुरू की तो युवक टूट गया और बोला कि रात में वह संतरी से बाथरूम जाने की बात कहकर गया था। बाद में डर के कारण वह दीवार फांदकर भाग गया और चपरा गांव के पास सूरज उगने से पहले वह सड़क किनारे खेत पर पहुंचा और खुद ही रस्सी से हाथ-पैर बांधकर लेट गया था।
मारपीट के आरोपित के थाने से भाग जाने को लेकर स्वजनों द्वारा संदेह व्यक्त किया जा रहा था जो पुलिस की खोजबीन से कुछ घंटे में ही मिल जाने पर शांत हो गया। प्रकरण से जुड़े बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
संजीव पाठक, एएसपी भिंड