भिंड: भाजपा विधायक को चेतावनी देने वाला कांस्टेबल सस्पेंड, निलंबन के बाद SDOP पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
भिंड अपराध समाचार: टीआई शिवसिंह यादव ने कहा कि पुराने व्यक्तिगत लेन-देन को गलत तरीके से पेश किया गया है। आरोप गलत हैं और वह इस मामले में न्यायालय जाएं...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 20 Aug 2026 03:55:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 20 Aug 2026 04:16:06 PM (IST)
पुलिस थाना मिहोना भिंड और निलंबित आरक्षक आलोक राठौड़। सोशल मीडियाHighLights
- निलंबन के बाद नए आरोप
- ऑनलाइन लेन-देन पर टीआई की सफाई
- अभद्रता और शिकायतों पर कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। लहार से भाजपा विधायक को इंटरनेट मीडिया के जरिए चेतावनी देने के मामले में निलंबित आरक्षक आलोक राठौड़ ने अब पुलिस अधिकारियों पर ही भ्रष्टाचार और लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार रात करीब नौ बजे आरक्षक ने इंटननेट मीडिया पर दूसरी पोस्ट डाली और लहार एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी को अपने निलंबन के लिए जिम्मेदार बताते हुए थाना प्रभारियों से लेन-देन का आरोप लगाया। इसके साथ उसने लहार टीआई शिवसिंह यादव के नाम से 10 हजार रुपये के ट्रांसफर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने आरक्षक के आरोपों को निराधार बताया है। लहार टीआई शिवसिंह यादव का कहना है कि स्क्रीनशॉट में दिख रहा 10 हजार रुपये का लेन-देन रिश्वत का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत उधारी का है। उनके अनुसार वर्ष 2022 में आरक्षक दीपक यादव ने पारिवारिक जरूरत के लिए उनसे 10 हजार रुपये उधार लिए थे। बाद में यह राशि फोन-पे के माध्यम से वापस कर दी गई थी। टीआई ने कहा कि पुराने व्यक्तिगत लेन-देन को गलत तरीके से पेश किया गया है। आरोप गलत हैं और वह इस मामले में न्यायालय जाएंगे।
विधायक को लेकर पोस्ट के बाद हुआ था निलंबन
आरक्षक आलोक राठौड़ मिहोना थाने में चालक के पद पर पदस्थ था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ शराब के नशे में ड्यूटी करने और लोगों से अभद्र व्यवहार की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद 14 अगस्त को उसे लाइन अटैच कर दिया गया था। इसके बाद मंगलवार-बुधवार की रात उसने लहार विधायक अंबरीश शर्मा को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और चेतावनी भरी पोस्ट कर दी। पोस्ट 'ठाकुर आदित्य' नाम की आइडी से शेयर की गई थी, लेकिन उसमें आरक्षक के फोटो लगे थे। मामला सामने आने के बाद एसपी सूरज कुमार वर्मा ने बुधवार शाम उसे निलंबित कर दिया।
निलंबन के बाद एसडीओपी पर लगाए आरोप
निलंबन के कुछ घंटे बाद आरक्षक ने दूसरी पोस्ट डालकर लहार एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाए। एसडीओपी ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि आरक्षक नशे की हालत में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरक्षक एक राजनीतिक दल विशेष से जुड़े लोगों के संपर्क में है और उनके कहने पर इस तरह की पोस्ट कर रहा है।
एसडीओपी ने कहा कि आरक्षक के खिलाफ पहले भी शिकायतें आती रही हैं और इसी वजह से उसे लाइन अटैच किया गया था। उनके अनुसार सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में आरक्षक ने कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया है। वह मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देंगे और पोस्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे।