
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। अटेर थाना पुलिस ने 48 घंटे के भीतर एक अंधे कत्ल का सनसनीखेज राजफाश करते हुए मृतक की पत्नी को ही हत्या की मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी और योजना के तहत रास्ते में गोली मरवाकर हत्या करवा दी।
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में डीआइजी व एसपी डॉ. असित यादव ने बताया कि 8 अप्रैल 2026 को 23 वर्षीय रूबी विमल निवासी ग्राम खरिका ने सूचना दी थी कि वह अपने पति नीलेश विमल के साथ मायके जामना से बाइक से लौट रही थी। रास्ते में रमटा वाले बाबा के पास दो अज्ञात बदमाशों ने कट्टे से गोली मारकर उसके पति की हत्या कर दी। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. यादव ने एसडीओपी रविंद्र वास्कले के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की।
प्रारंभिक जांच में घटना संदिग्ध लगी, जिसके बाद पुलिस ने फरियादिया और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की। इसी दौरान मुखबिरों से मिली जानकारी ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। जांच में सामने आया कि रूबी विमल का अपनी बहन के देवर 21 वर्षीय विशाल विमल पुत्र रामअवतार विमल निवासी खरिका के साथ पिछले आठ वर्षों से प्रेम संबंध था। इसी अवैध संबंध के चलते दोनों ने मिलकर नीलेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक घटना के दिन रूबी ने अपने प्रेमी विशाल को फोन कर बताया कि वह पति के साथ किस रास्ते से लौट रही है। योजना के अनुसार विशाल अपने साथी राजेश कुशवाह के साथ पहले से ही रमटा वाले बाबा के पास पहुंच गया। जैसे ही दंपती वहां पहुंचे, रूबी ने अपने हाथ से बैग गिराकर इशारा किया और खुद बाइक से उतर गई। इसी दौरान विशाल और उसके साथी ने नीलेश पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए और बाद में योजना के तहत सामान्य व्यवहार करते हुए परिवार के साथ मौके पर भी पहुंचे।
पुलिस ने संदेह के आधार पर विशाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। उसके बाद रूवी से भी पूछताछ की गई, जिसमें उसने भी अपराध में शामिल होना स्वीकार कर लिया।पुलिस ने 11 अप्रैल को आरोपित महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त 12 बोर का देशी कट्टा, बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। तीसरा आरोपित राजेश कुशवाह अभी फरार है।
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इस अंधे कत्ल के पर्दाफाश में अटेर थाना टीआइ छत्रपाल सिंह तोमर, बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया, सुरपुरा थाना प्रभारी अरविन्द सिकरवार, एसआइ बृजेन्द्र तोमर, रामशरण शर्मा, एएसआइ हुकुम सिंह, सायबर सेल से सत्यवीर सिंह, महेश कुमार, आनन्द दीक्षित, हरवीर गुर्जर, मुकेश राजावत, शिवकुमार पलिया, अंकित शर्मा, नीरज जाट, विनय भदौरिया, रंजीत यादव की सराहनीय भूमिका रही है।
मामला प्रारंभ से ही संदिग्ध था। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर जांच की गई, जिसमें पत्नी की भूमिका सामने आई। 72 घंटे में घटना का पर्दाफाश कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।- रविंद्र वास्कले, एसडीओपी अटेर