
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में आरोपित को नाबालिग साबित करने के लिए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तैयार करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) निधि नीलेश श्रीवास्तव भिंड के आदेश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार सहित सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। न्यायालय के आदेश के पालन में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार 15 जुलाई 2026 को सीजेएम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आधार पर सिटी कोतवाली में ऊमरी वृत्त के तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, कल्लू यादव पुत्र निहाल सिंह यादव निवासी यादवन का पुरा ऊमरी, आशुतोष सिंह यादव निवासी रूर ऊमरी, तत्कालीन ग्राम पंचायत बिलाव के सचिव शेरसिंह यादव पुत्र रामवीर सिंह यादव, तत्कालीन पटवारी संजीव शर्मा, बिलाव आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन पत्नी लोकेंद्र सिंह जादौन निवासी बिलाव ऊमरी तथा तत्कालीन सरपंच राजकुमार दुबे के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है।
न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद के अनुसार परिवादी गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि विमल यादव के विरुद्ध महाराष्ट्र के थाना खड़वली (जिला ठाणे) में वर्ष 2025 में गंभीर धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत अपराध दर्ज हुआ था। स्कूल के अभिलेखों के अनुसार विमल यादव की जन्मतिथि 12 दिसंबर 2006 दर्ज थी, जिससे वह घटना के समय बालिग था।
आरोप है कि आरोपित के स्वजनों ने उसे नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से अधिकारियों और पंचायत कर्मियों के साथ मिलकर 25 दिसंबर 2007 की जन्मतिथि दर्शाते हुए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तैयार कराया। परिवाद में कहा गया है कि इस दस्तावेज का उपयोग न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और आरोपी को कानूनी लाभ दिलाने के उद्देश्य से किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जन्म प्रमाण-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में तत्कालीन नायब तहसीलदार, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, तत्कालीन सरपंच तथा दो अन्य आरोपियों ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और गलत जन्मतिथि दर्ज कर प्रमाण-पत्र जारी कराया। पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, भिंड के आदेश के पालन में सात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।