स्कॉटलैंड में भिंड के छात्र की संदिग्ध मौत, 18 दिन बाद भी शव के भारत आने का इंतजार, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
भिंड के मौ कस्बे में रहने वाले 21 वर्षीय संस्कार श्रीवास्तव अपने परिवार के सपनों को पंख देने स्काटलैंड गए थे, लेकिन सात मार्च को उनकी संदिग्ध परिस्थित ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 25 Mar 2026 08:20:12 PM (IST)Updated Date: Wed, 25 Mar 2026 08:20:12 PM (IST)
स्कॉटलैंड में भिंड के छात्र की संदिग्ध मौत।HighLights
- स्कॉटलैंड में भिंड के छात्र की संदिग्ध मौत।
- 18 दिन बाद भी शव के भारत आने का इंतजार।
- छात्र के परिजनों ने जताई हत्या की आशंका।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भिंड के मौ कस्बे में रहने वाले 21 साल के संस्कार श्रीवास्तव अपने परिवार के सपनों को पंख देने स्काटलैंड गए थे, लेकिन सात मार्च को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। वहां संस्कार यूनिवर्सिटी आफ स्टर्लिंग में एमएससी (फारेंसिक साइंस) की पढ़ाई कर रहे थे।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन व स्काटलैंड पुलिस के अनुसार उन्होंने आत्महत्या की है हालांकि स्वजन इसे मानने को तैयार नहीं है। घटना के 18 दिन बाद भी शव के भारत आने का इंतजार है।
परिजनों का दुख और आर्थिक संघर्ष
मां नीलम के अनुसार, होली की रात चार मार्च को वीडियो काल में संस्कार बेहद खुश था। उसने भरोसा दिलाया था कि पढ़ाई पूरी कर जल्द घर लौटेगा। किसान पिता कुलदीप श्रीवास्तव का कहना है कि बेटे को विदेश भेजने के लिए उन्होंने करीब 40 लाख रुपए का कर्ज लिया था।
पढ़ाई के साथ वह पार्ट टाइम काम कर हर महीने अच्छी कमाई भी कर रहे थे। ऐसे में अचानक उसकी इस तरह मौत पर उन्होंने कई सवाल किए हैं।
घटना के 18 दिन बाद भी पार्थिव देह भारत नहीं पहुंची है। स्काटलैंड दूतावास से मौत की आधिकारिक खबर मिलने के अलावा डेथ सर्टिफिकेट भी स्वजन तक पहुंचा है। स्वजन ने कलेक्टर ग्वालियर, रुचिका चौहान से भी मदद की गुहार लगाई है। 27 मार्च को शव ग्वालियर आने की संभावना जताई गई है।
स्वजन ने इसलिए जताया संदेह
स्वजन का कहना है कि संस्कार के बैंक खाते से करीब 2.5 लाख रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए हैं। जिन दोस्तों के नंबर उसने घर पर दिए थे, वे संपर्क में नहीं आ रहे। यूनिवर्सिटी का कहना है कि उसने आत्महत्या की, लेकिन उसका कमरा खुला मिला। इसके अलावा मोबाइल डेटा भी गायब है।
परिवार ने मांग की है कि शव भारत लाकर ग्वालियर के जेएएच में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और बेटे की मौत का असली कारण पता चल सके।