
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बंटी-बबली की तर्ज पर एक महिला और उसके साथी ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक से 12 लाख रुपये ठग लिए। आरोपित ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से पहचान होने का दावा किया और नौकरी के नाम पर रकम लेने के बाद युवक का मेडिकल भी कराया। फिर उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। नियुक्ति पत्र की जांच में धोखाधड़ी का खुलासा होने पर बिलखिरिया पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार शिवपुरी निवासी बाबी भार्गव (28) पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात चंबल क्षेत्र की रहने वाली परिचित नंदिनी से हुई। नंदिनी ने उसे बताया कि उसकी पहचान कपिल शर्मा नाम के व्यक्ति से है, जो सरकारी नौकरी लगवा सकता है।
इसके बाद उसने बाबी की कपिल से मुलाकात कराई। कपिल बिलखिरिया के पारस सिटी में किराए के कमरे में रहता था। उसने बाबी को बताया कि जल संसाधन विभाग के बड़े अधिकारियों से उसकी अच्छी पहचान है और वह उसकी नौकरी लगवा देगा। इसके बदले उसने 12 लाख रुपये मांगे। नौकरी की उम्मीद में बाबी ने उसकी मांग मान ली।
जून 2025 में बाबी अपने स्वजनों के साथ कपिल के कमरे पर पहुंचा और उसे 12 लाख रुपये दे दिए। रकम लेने के बाद कपिल ने भरोसा जीतने के लिए बाबी का मेडिकल कराया और कुछ समय बाद नियुक्ति पत्र भी दे दिया। जब बाबी ने विभाग में नियुक्ति पत्र की पुष्टि कराई तो वह फर्जी निकला। इसके बाद उसने नंदिनी से संपर्क कर रकम वापस दिलाने की बात कही, लेकिन वह भी कपिल का पक्ष लेने लगी।
यह भी पढ़ें- डिंडौरी में खड़ी कार से टकराई बाइक, कांच तोड़ते हुए अंदर जा घुसा 30 वर्षीय युवक; हालत गंभीर
तब बाबी को दोनों की मिलीभगत का शक हुआ। उसने बिलखिरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कपिल शर्मा और नंदिनी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों ने अन्य बेरोजगारों को भी इसी तरह ठगा है या नहीं।