नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और सड़कों से खटारा वाहन हटाने के लिए लागू की गई स्क्रैपिंग पॉलिसी (वाहन कबाड़ नीति) पटरी से उतरती नजर आ रही है।
परिवहन विभाग द्वारा 15 साल से पुराने वाहनों पर बकाया टैक्स में दी जा रही 90 प्रतिशत की बड़ी छूट बंद होते ही अब अधिकृत केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है। भारी-भरकम टैक्स चुकाने के डर से लोग अब सरकारी नियमों के पालन के बजाय स्थानीय कबाड़ियों को गाड़ियां बेच दे रहे हैं।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में 15 साल से अधिक पुरानी करीब 20 लाख गाड़ियां (12 लाख पेट्रोल और 8 लाख डीजल) सड़कों पर दौड़ रही हैं।
भोपाल में 1.8 पुराने वाहन
अकेले भोपाल जिले में ही 1.8 लाख ऐसे वाहन हैं, जिनमें 1.1 लाख दोपहिया और 50 हजार कारें शामिल हैं। इसके विपरीत साल 2024 से अब तक पूरे प्रदेश में केवल 12,000 से 15,000 गाड़ियां ही अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ) तक पहुंच पाई हैं। भोपाल में तो यह आंकड़ा महज 2,500 के आसपास है।
जागरूकता की कमी
बता दें कि शुरुआती प्रोत्साहन के लिए सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों पर बकाया टैक्स में 90 प्रतिशत की छूट दी थी, जो एक वर्ष के लिए ही थी और मार्च में समाप्त हो गई। काकड़ा आरवीएसएफ के संचालक विशाल गोयल ने बताया कि टैक्स माफी योजना बंद होने से स्क्रैपिंग की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है। लोग सालों का बकाया टैक्स जमा करने से बच रहे हैं। लोगों में जागरूकता की भी कमी है, इसे और बेहतर करने की जरूरत है।
सीओडी का लाभ भी नहीं आ रहा काम
अधिकृत केंद्रों पर गाड़ी स्क्रैप कराने पर सर्टिफिकेट आफ डिपाजिट (सीओडी) मिलता है, जिससे नई गाड़ी खरीदने पर टैक्स में 25 से 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। वाहन निर्माता कंपनियां भी अलग से डिस्काउंट देती हैं लेकिन बकाया टैक्स की मार के आगे यह फायदा भी लोगों को आकर्षित नहीं कर पा रहा। वहीं प्रदेश में केवल छह आरवीएसएफ सेंटर (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रतलाम) होने के कारण भी लोगों को परेशानी होती है।
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अभी यह मिलता है फायदा
- निजी वाहन पर 25% और कमर्शियल वाहन पर 15% तक रोड टैक्स माफ होता है।
- सीओडी दिखाने पर नए वाहन की सरकारी रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ हो जाती है।
- वाहन निर्माता कंपनियां एक्स-शोरूम कीमत पर 1.5% से 5% तक अतिरिक्त छूट देती हैं।
- यदि आप 23-25 साल पुरानी गाड़ी (प्री-बीएस या बीएस-I) स्क्रैप कराते हैं, तो रोड टैक्स में 50% की छूट मिलती है।
ऐसे समझें कितना मिलता है कबाड़ का रेट
गाड़ी के कुल वजन में से 35% हिस्सा (कांच, रबर, टायर, फोम आदि) वेस्ट माना जाता है। बाकी बचे 65% वजन (लोहा, स्टील, एल्युमिनियम) के लिए बाजार दर भुगतान होता है। यदि आपकी गाड़ी का वजन 1,000 किलो है, तो 650 किलो धातु का पैसा आपको बाजार भाव के अनुसार मिलेगा। एक सीओडी सर्टिफिकेट मिलेगा जो दो साल के लिए वैध रहता है। इसे आप अपने परिवार के किसी भी सदस्य को ट्रांसफर भी कर सकते हैं।
शासन के नियमों के अनुसार 90 प्रतिशत बकाया टैक्स माफी की अवधि समाप्त हो चुकी है। अधिकृत केंद्रों पर स्क्रैपिंग कराने से वाहन मालिक को नई गाड़ी पर बड़ी टैक्स छूट मिलती है। वाहन के दुरुपयोग का खतरा भी टल जाता है। लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।- जितेंद्र शर्मा, आरटीओ, भोपाल