भोपाल मास्टर प्लान 2047: 5 दिन में आईं 245 आपत्तियां; लहारपुर को डूब क्षेत्र और कालापानी को सेंसिटिव जोन से हटाने की मांग
भोपाल मास्टर प्लान 2047 के ड्राफ्ट पर ऑनलाइन 232 और टीएंडसीपी कार्यालय में 13 ऑफलाइन आपत्तियां दर्ज हुईं, नागरिक 25 अक्टूबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते है...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 11:33:33 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 11:33:33 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- भोपाल मास्टर प्लान 2047 के ड्राफ्ट पर पांच दिन में 245 आपत्तियां
- ऑनलाइन 232 और टीएंडसीपी कार्यालय में 13 ऑफलाइन आपत्तियां दर्ज हुईं
- शहर के नागरिक 25 अक्टूबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल विकास योजना 2047 के प्रारूप पर दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का सिलसिला तेज हो गया है। 26 सितंबर को ड्राफ्ट जारी होने के पांच दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर 232 और गुरुवार को नगर तथा ग्राम निवेश (टीएंडसीपी) कार्यालय में 13 ऑफलाइन आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
प्राप्त आपत्तियों में मुख्य रूप से 18 मीटर चौड़ी सड़कों के अलाइनमेंट में बदलाव, ग्रीन बेल्ट व कृषि भूमि को आवासीय करने और कालापानी को सेंसिटिव जोन से बाहर रखने की मांग शामिल है।
वहीं, लहारपुर में 30 साल से खेती वाली 643 एकड़ जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने और बाघ मूवमेंट वाले इलाकों से प्रस्तावित सड़कें हटाने की मांग की गई है।
254 गांव प्लान में शामिल
इधर, अर्बन रिसर्च और क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज मीक का कहना है कि 1016.90 वर्ग किमी और 254 गांवों के इस वृहद प्लान को सिर्फ 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर तक सीमित देखना गलत होगा।
ड्राफ्ट में 83.18 किलोमीटर की आउटर रिंग रोड, मेट्रो, पश्चिम बायपास और प्रमुख रेडियल मार्ग शामिल हैं। शहर के समग्र विकास के लिए इन सभी अलग-अलग परियोजनाओं को जोड़कर एक एकीकृत महानगरीय नेटवर्क का प्रमाणित इंटरफेस नक्शा तैयार किया जाना जरूरी है।