प्रसूताओं के भुगतान में देरी पर गिरी गाज, रीवा और सीधी के तीन अफसरों का कटेगा वेतन
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में लापरवाही अब रीवा और सीधी के तीन अफसरों को भारी पड़ने लगी है, जहां उनका 10 दिन का वेतन काटने का ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 12 Mar 2026 12:11:34 AM (IST)Updated Date: Thu, 12 Mar 2026 04:40:31 AM (IST)
प्रसूताओं के भुगतान में देरी पर 3 अफसरों पर गिरी गाज (सांकेतिक तस्वीर)नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में लापरवाही अब भारी पड़ने लगी है। जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के भुगतान में अनावश्यक देरी करने पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन संचालक ने रीवा और सीधी जिले के तीन जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड अधिरोपित करते हुए उनके 10 दिवस के वेतन कटौती के आदेश जारी किए हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, हितग्राही मूलक योजनाओं में रुचि न लेने और भुगतान लंबित रखने पर हनुमना (मऊगंज/रीवा) के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और सीधी के दो लेखा प्रबंधकों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अधिकारियों द्वारा दिया गया जवाब न केवल असंतोषजनक पाया गया, बल्कि यह भी सामने आया कि नोटिस मिलने के बाद भी लंबित भुगतानों की संख्या में कोई कमी नहीं आई। इसे राज्य कार्यालय के आदेशों की अवहेलना और कार्य के प्रति घोर उदासीनता माना गया है।
मिशन संचालक ने स्पष्ट किया है कि सरकार की प्राथमिकता प्रसूताओं को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वेतन कटौती के साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि आगामी दिनों में कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो इनके विरुद्ध दीर्घशास्ति (कठोर दंड) अधिरोपित करते हुए सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि जननी सुरक्षा और प्रसूति सहायता योजना का उद्देश्य सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना और गरीब परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। भुगतान में देरी से न केवल हितग्राही परेशान होते हैं, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं की छवि भी धूमिल होती है। रीवा-सीधी की इस कार्रवाई से पूरे संभाग के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।