• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • रक्षाबंधन
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

3,200 करोड़ का फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला: मास्टरमाइंड के प्रत्यर्पण के लिए STF ने कसी कमर, अरबी भाषा में अनुवादित दस्तावेज भेजे

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों में फारेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 3200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोपित लविश चौधरी को यूएई से भारत ...और पढ़ें

By shashi tiwariEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 23 May 2026 10:08:11 PM (IST)Updated Date: Sat, 23 May 2026 10:08:11 PM (IST)
3,200 करोड़ का फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला: मास्टरमाइंड के प्रत्यर्पण के लिए STF ने कसी कमर, अरबी भाषा में अनुवादित दस्तावेज भेजे
3,200 करोड़ का फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला।

HighLights

  1. ठगी की रकम से दुबई में खड़ा किया बड़ा साम्राज्य
  2. लविश चौधरी पर ईडी (ED) का विधिक शिकंजा
  3. 400 पन्नों के दस्तावेज अरबी में कराए अनुवाद

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों में फारेक्स (फारेन एक्सचेंज) ट्रेडिंग के नाम पर 3200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोपित लविश चौधरी को यूएई से भारत लाने का प्रयास मप्र एसटीएफ ने तेज कर दिया है। उसके विरुद्ध पंजीबद्ध आरोपों के संबंध में दस्तावेज यूएई को अरबी भाषा में भेजा जाना था।

एसटीएफ ने दिल्ली की एजेंसी से हिंदी और अंग्रेजी में तैयार दस्तावेज का अरबी भाषा में अनुवाद कराया है। राज्य शासन के माध्यम से इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है। बता दें कि एसटीएफ ने इसके पहले चौधरी के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) और रेड कार्नर नोटिस जारी कराया था।


400 पन्नों के विधिक दस्तावेजों का हुआ अरबी अनुवाद

एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि लगभग 400 पेज के दस्तावेज का अनुवाद कराया गया है। बता दें कि लविश ने एजेंटों के माध्यम से कई राज्यों में फारेन एक्सचेंज में ट्रेडिंग कराकर दो से तीन गुना लाभ देने का लालच देकर ठगी की थी। इंदौर के एक व्यक्ति ने मप्र एसटीएफ में इसकी शिकायत की थी। जांच के बाद मामला पंजीबद्ध किया गया था।

इंदौर से शुरू हुई थी जांच

शुरू में एसटीएफ ने तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद सामने आया कि मुख्य आरोपित लविश चौधरी है। पता चला कि वह यूएई में रह रहा है। इसके बाद प्रत्यर्पण का प्रयास प्रारंभ किया गया।

1999 की भारत-यूएई संधि से बढ़ी उम्मीदें

यह पहला मामला है जब एसटीएफ किसी आरोपित का प्रत्यर्पण कराने में जुटी है। बता दें कि भारत सरकार और यूएई के बीच वर्ष 1999 में हुई प्रत्यर्पण संधि के चलते उसे भारत लाने के आसार बढ़ गए हैं।

यह भी पढ़ें- मौत से 4 घंटे पहले पार्लर में रिलैक्स मूड में दिखी थी त्विषा, अजमेर जाने का करा चुकी थी टिकट, पुलिस ने खंगाली CCTV फुटेज

गाजियाबाद का मूल निवासी है लविश

लविश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पसोंडा गांव का रहने वाला है। खुद को नवाब अली नाम से पहचान बनाकर उसने एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का नेटवर्क खड़ा किया। यह भी बताया जा रहा है कि उसने ठगी की राशि से दुबई में कई संपत्तियां खरीदी हैं।

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर ठगी का आरोप उस पर है। मध्य प्रदेश में उसने लगभग 3200 करोड़ रुपये की ठगी की है। ईडी ने भी उससे जुड़े लोगों पर धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की है।