सरकारी विभागों में कार अटैच कर मोटा किराया दिलाने का झांसा देने वाले गिरोह के मामले में रोज नए खुलासे
मामले के मास्टरमाइंड शैलेश जोशी ने ट्रैवल एजेंसी संचालकों के साथ-साथ एक सरकारी अधिकारी को भी अपना शिकार बनाया था। पुलिस ने एनटीपीसी की एक महिला अधिकार...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 09:56:21 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 10:10:01 PM (IST)
पुलिस की जांच का एआई जनरेटेट फोटो।HighLights
- शनिवार को छह आरोपितों को कोर्ट में पेश करेगी अरेराहिल्स पुलिस।
- मास्टरमाइंड शैलेश जोशी ने ट्रैवल एजेंसी संचालकों को चूना लगाया।
- इसके साथ एक सरकारी अधिकारी को भी अपना शिकार बनाया था।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सरकारी विभागों में अटैच कर ऊंचा किराया दिलाने का झांसा देकर कारें हड़पने और बाद में उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में बेचने वाले गिरोह की जांच में नए खुलासे हो रहे हैं। मामले के मास्टरमाइंड शैलेश जोशी ने ट्रैवल एजेंसी संचालकों के साथ-साथ एक सरकारी अधिकारी को भी अपना शिकार बनाया था। पुलिस ने एनटीपीसी की एक महिला अधिकारी की कार समेत नौ और वाहन जब्त किए हैं।
शनिवार को गिरफ्तार छह आरोपितों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार अवधपुरी निवासी साधना गुप्ता एनटीपीसी में अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी कार किराये पर चलाने के लिए दीपांशु नामक युवक को दी थी। जांच में सामने आया कि दीपांशु ने कार विश्वजीत को और उसने आगे शैलेश जोशी को सौंप दी।
बाद में इस वाहन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया। पुलिस ने वाहन को बरामद कर लिया है। जांच के दौरान पिपलानी क्षेत्र के संदेश राय और कन्हैया राय की ट्रैवल एजेंसियों से किराये पर ली गई दो कारें भी जब्त की गई हैं।
वहीं अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में एक ट्रैवल एजेंसी संचालक से हड़पी गई छह कारों का भी पता चल गया है। इस तरह विभिन्न थानों की कार्रवाई में अब तक कुल नौ अतिरिक्त कारें बरामद की जा चुकी हैं।
अरेरा हिल्स पुलिस कर रही है छह आरोपितों से पूछताछ
- बता दें अरेराहिल्स पुलिस ने शैलेश जोशी समेत छह आरोपितों के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
- आरोप है कि गिरोह ने वाहन मालिकों और ट्रैवल एजेंसियों से कारें किराये पर लेकर फर्जी अनुबंध तैयार किए।
- उन्हें सीहोर सहित अन्य स्थानों से विभिन्न राज्यों के किसानों व ग्रामीणों को सस्ते दामों में बेच दिया।
- किराया नहीं मिलने और वाहनों की जीपीएस लोकेशन बंद होने पर पीड़ितों को ठगी का पता चला। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।