कागजों पर चल रहे श्रीराम महाविद्यालय की संबद्धता खत्म; अब BU के 80 एमबीए कॉलेजों पर भी लटकी तलवार
बीयू ने करीब 80 एमबीए कॉलेजों को शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश की सशर्त अनुमति दे दी। इनका 3 माह के भीतर निरीक्षण किया जाएगा।
Publish Date: Fri, 17 Jul 2026 02:36:04 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jul 2026 02:36:04 PM (IST)
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल।HighLights
- कागजों पर चल रहे श्रीराम महाविद्यालय की संबद्धता समाप्त
- 80 एमबीए कॉलेजों को शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश की सशर्त अनुमति
- तीन माह के भीतर होगा निरीक्षण, एमबीए काउंसिलिंग का शेड्यूल बिगड़ा
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में संबद्ध महाविद्यालयों की संबद्धता और निरंतरता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बीएड कॉलेजों के बाद अब एमबीए कॉलेजों की संबद्धता का मामला भी विवादों में आ गया है।
विश्वविद्यालय ने श्रीराम महाविद्यालय की संबद्धता समाप्त कर दी है, जबकि कार्य परिषद (ईसी) ने करीब 80 एमबीए कॉलेजों को शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दे दी है। इन कॉलेजों का निरीक्षण अगले तीन माह के भीतर कराने के निर्देश दिए हैं।
बीयू से संबद्ध 85 एमबीए कॉलेजों में से अब तक केवल 22 का ही निरीक्षण कराया है, इनमें तीन कॉलेजों की रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, बावजूद करीब पांच अत्यधिक कमियों वाले कॉलेजों को छोड़कर शेष 80 कॉलेजों को बिना निरीक्षण के ही सशर्त अनुमति प्रदान कर दी गई। इन संस्थानों को शपथ पत्र जमा करने के बाद एमबीए काउंसिलिंग में शामिल होने की मंजूरी दी गई है।
नहीं मिला श्रीराम महाविद्यालय का अस्तित्व
विश्वविद्यालय के सामने सबसे बड़ा मामला बीएड का श्रीराम महाविद्यालय का आया, जो पिछले करीब दस वर्षों से केवल कागजों में संचालित हो रहा था। शिकायत मिलने पर गठित जांच समिति जब मौके पर पहुंची तो वहां महाविद्यालय का भवन तक नहीं मिला। जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि ने कॉलेज की संबद्धता समाप्त करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के बाद अन्य एमबीए कॉलेजों के पुनः निरीक्षण के आदेश भी जारी किए गए हैं।
बीएड कॉलेजों में भी दोहराई प्रक्रिया
एमबीए कॉलेजों से पहले 125 बीएड कॉलेजों की संबद्धता और निरंतरता के दौरान भी इसी तरह शपथ पत्र के आधार पर सशर्त अनुमति दी गई थी। बाद में कई कॉलेजों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर पूरे मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने का निर्णय लिया गया।
काउंसिलिंग शेड्यूल भी प्रभावित
एमबीए कालेजों की संबद्धता का निरंतरता संबंधी जानकारी समय पर तकनीकी शिक्षा विभाग (डीटीई) को उपलब्ध नहीं कराने का असर प्रदेशभर की एमबीए काउंसिलिंग पर भी पड़ा। बीयू से संबद्ध कालेजों की पात्रता सूची समय पर नहीं मिलने के कारण डीटीई को काउंसिलिंग और सीट आवंटन का पूरा शेड्यूल बदलना पड़ा। अब विश्वविद्यालय ने शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराने का निर्णय लिया है, जबकि निरीक्षण की प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी।
जांच समिति को मौके पर श्रीराम महाविद्यालय का कोई भवन नहीं मिला। इस कारण महाविद्यालय की संबद्धता समाप्त कर दी गई। एमबीए कॉलेजों को शपथ पत्र देने के लिए कहा गया है। तीन माह के अंदर उनका निरीक्षण होगा। अगर कमियां पाई जाएगी तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।- समर बहादुर सिंह, कुलसचिव, बीयू