
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा जगत का एक अनूठा और ऐतिहासिक मामला सामने आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के डॉक्टरों ने एक ट्रांसजेंडर महिला की सफल सर्जरी कर इतिहास रचा है। सरकारी अस्पताल में इस तरह की यह पहली सर्जरी है, जिसमें मरीज की इच्छा और सहमति के बाद उनके शरीर को उनकी पहचान (महिला) के अनुरूप ढाला गया है। यह प्रक्रिया बेहद संवेदनशील और जटिल थी, जिसे पूरा करने में डॉक्टरों की टीम को करीब आठ घंटे का समय लगा।
जानकारी के अनुसार संबंधित ट्रांसजेंडर 14 साल तक पुरुष के रूप में ही जीवन जीती रही, लेकिन उसकी सोच, व्यवहार और मानसिकता धीरे-धीरे महिला की तरह होती गई। वह खुद को महिला के रूप में ही महसूस करती थी। इसी पहचान को पाने के लिए वह एम्स भोपाल के ट्रांसजेंडर क्लिनिक में आई। यहां काउंसलिंग और जांच के बाद उसकी सहमति से सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। आपरेशन के बाद डाक्टरों की देखरेख में मरीज पूरी तरह स्वस्थ हुईं। संतोषजनक स्थिति पाए जाने पर उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया है।
अस्पताल से विदा होते समय मरीज ने इस बदलाव और उसके नतीजों पर गहरी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस आपरेशन से उन्हें समाज में एक महिला के रूप में अपनी असली पहचान और जीने की गरिमा वापस मिली है, जिससे वे भविष्य में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी।
बता दें कि एम्स भोपाल में समाज के इस वर्ग के लोगों के लिए पहले से ही एक समर्पित ट्रांसजेंडर क्लिनिक चलाया जा रहा है। यहां ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों, जांच, काउंसलिंग और उचित इलाज की पूरी व्यवस्था संवेदनशीलता के साथ की जाती है। इस चुनौतीपूर्ण आपरेशन को एम्स के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डा. मनाल खान और सहायक प्राध्यापक डा. अभिनव सिंह ने टीम के साथ मिलकर अंजाम दिया। इस सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अनुज जैन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के डॉ. अरुण कुमार डोरा और यूरोलॉजी विभाग के डॉ. देवाशीष कौशल ने भूमिका निभाई।
जब कोई व्यक्ति जन्म से पुरुष हो, लेकिन खुद को महिला महसूस करता हो, तो उसे ट्रांसजेंडर महिला कहते हैं। बॉटम सर्जरी में डाक्टर आपरेशन कर उसके शरीर के निचले निजी अंगों को महिला के समान बनाते हैं। इससे उसे महिला के रूप में शारीरिक पहचान और सम्मान मिलता है।
यह सर्जरी संस्थान की बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और सभी लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रदेश के शासकीय अस्पताल में पहली बार ऐसी सर्जरी होना संस्थान के लिए गर्व की बात है। - लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोतवाल, कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल