मध्य प्रदेश के 2 लाख घरों में पहुंची पीएनजी, भोपाल पिछड़ा, इंदौर-ग्वालियर ने मारी बाजी... आपके शहर में क्या है स्थिति?
मध्य प्रदेश में पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन दो लाख घरों तक पहुंच गया है। लेकिन इसके नियमित उपभोक्ता केवल एक लाख परिवार ही हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 28 Mar 2026 06:39:05 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Mar 2026 06:47:45 PM (IST)
एमपी के 2 लाख घरों में पहुंची पीएनजी। (AI से जेनरेट की गई इमेज)HighLights
- दो लाख घरों तक पीएनजी कनेक्शन
- इंदौर ने लक्ष्य से दोगुने कनेक्शन दिए
- जबलपुर-रीवा में अभी लंबा इंतजार
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन दो लाख घरों तक पहुंच गया है। लेकिन इसके नियमित उपभोक्ता केवल एक लाख परिवार ही हैं। कई जगहों पर उपभोक्ताओं तक कनेक्शन पहुंचने के बावजूद गैस की आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है। नए आदेश आने के बाद इसमें तेजी लाने की बात कही जा रही है।
पाइपलाइन और आपूर्ति में देरी के कारण
राजधानी सहित प्रदेश के सभी जिलों में पिछले तीन सालों से पाइपलाइन बिछाने का काम बहुत तेजी से किया जा रहा है। जिसके तहत अधिकांश क्षेत्रों में पाइपलाइन तो बिछ गई लेकिन लोगों के घर-घर कनेक्शन देने का काम अभी धीमा है और जहां पर उपभोक्ताओं को कनेक्शन मिल गए हैं वहां पर आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इसका मुख्य कारण पाइपलाइन होने के बावजूद घर तक अंतिम कनेक्शन में देरी, लोगों में जानकारी की कमी और अधिक शुरुआती खर्च बताया जा रहा है।
इंदौर और ग्वालियर की बढ़त, भोपाल पिछड़ा
- जानकारी के अनुसार पीएनजी कनेक्शन देने में इंदौर पहले तो ग्वालियर दूसरे स्थान पर है, जबकि भोपाल में यह काम काफी पिछड़ा हुआ है। इंदौर ने 50 हजार लक्ष्य के बदले में एक लाख 23 हजार 804 घरेलू पीएनजी कनेक्शन दिए हैं, जो तय लक्ष्य से अधिक हैं। इसी तरह, ग्वालियर ने भी तय लक्ष्य 44 हजार के बदले में 63 हजार 150 कनेक्शन दिए हैं।
- वहीं भोपाल में पांच लाख 50 हजार 222 का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बदले में अब तक महज 40 हजार कनेक्शन ही दिए गए हैं। बता दें सरकार और कंपनियों ने बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे गैस पाइपलाइन और कनेक्शन) की योजना बनाकर उसे स्थापित तो कर दिया, लेकिन लोगों को कनेक्शन व आपूर्ति समय से शुरू नहीं होने से काम पिछड़ रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन स्वीकृत हो चुकी है या फिर निर्माणाधीन है। अभी तक घरेलू कनेक्शन देने का काम धीमी गति से चल रहा था लेकिन अब इसे तेजी से पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन वजहों से पीएनजी से परहेज
- लोग पाइप्ड गैस की निर्बाध आपूर्ति पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
- कनेक्शन की शुरुआती लागत अधिक है, इसलिए लोग एलपीजी छोड़कर पीएनजी पर शिफ्ट नहीं हो रहे हैं।
- एलपीजी सिलिंडर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसानी होती है, यह सुविधा स्थायी पाइप वाली पीएनजी में नहीं मिलेगी इससे भी हिचकिचाहट।
- पीएनजी हल्की है और एलपीजी की अपेक्षा इसकी आंच कम तीखी है, यह धारणा भी बनी हुई है।
- पाइप्ड गैस में केबल इंटरनेट और पानी की पाइपलाइन की तरह रोज की टूटफूट और लीकेज से आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी लोगों को डरा रही है। (कई क्षेत्रों में लोगों ने जैसे बातचीत में बताया)
जहां पीएनजी उपलब्धता वहां एलपीजी बंद होगी
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पिछले दिनों नया आदेश जारी किया है। इसके तहत जिन क्षेत्रों में पीएनजी की उपलब्धता है, वहां के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को तीन माह के अंदर इसका कनेक्शन लेना होगा। समय सीमा में ऐसा नहीं करने पर उनके यहां एलपीजी की आपूर्ति रोक दी जाएगी।
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भोपाल में थिंक गैस कंपनी ने अभी तक 40 हजार उपभोक्ताओं को कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए हैं जिनमें से अधिकांश को आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आदेश के बाद कंपनी प्रबंधन को तेजी से कनेक्शन उपलब्ध करवाने और आपूर्ति शुरू करने के लिए कहा गया है। - चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक
प्रदेश के जिलों में पीएनजी नेटवर्क की स्थिति
| जिले | कुल लक्ष्य | वर्तमान कनेक्शन |
| देवास | 40,000 | 23,063 |
| रायसेन, सीहोर, शाजापुर | 4,00,001 | 7,913 |
| मुरैना | 8,160 | 4,014 |
| शिवपुरी | 27,229 | 3,126 |
| रीवा | 7,861 | 2,830 |
| अशोक नगर | 3,885 | 1,804 |
| गुना | 4,900 | 1,767 |
| बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी | 4,00,000 | 145 |
| जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी | 15,00,000 | 00 |
| नर्मदापुरम, सागर - विदिशा | 6,63,000 | 00 |
| खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर | 5,11,000 | 00 |