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कैग रिपोर्ट कार्ड : भोपाल स्टेशन पर पेयजल से लेकर टायलेट तक में कमियां, देश के मॉडल स्टेशनों में शुमार इंदौर

भोपाल स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं में कमी उजागर हुई हैं। कैग ऑडिट में पेयजल, बैठने की व्यवस्था, पंखे, शौचालय और स्वच्छता से जुड़ी कमियां सामने आईं।

By Brijendra RishishwarEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 20 Aug 2026 05:30:44 PM (IST)Updated Date: Thu, 20 Aug 2026 05:30:44 PM (IST)
कैग रिपोर्ट कार्ड : भोपाल स्टेशन पर पेयजल से लेकर टायलेट तक में कमियां, देश के मॉडल स्टेशनों में शुमार इंदौर
भोपाल रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो।

HighLights

  1. भोपाल स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं में कमी
  2. इंदौर देश के 54 बेहतर स्टेशनों में शामिल
  3. एमपी के अन्य स्टेशनों की भी स्थिति खराब

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट रिपोर्ट ने भोपाल रेलवे स्टेशन समेत प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों पर अव्यवस्थाओं की तस्वीर सामने रख दी है।

सामने आया कि बड़े और अधिक यात्री दबाव वाले स्टेशनों पर भी कई जगह निर्धारित न्यूनतम यात्री सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। भोपाल में तो पेयजल से लेकर टायलेट तक कमियां ही कमियां मिली हैं।

कैग ने देश के कुल 5,908 गैर-उपनगरीय स्टेशनों में से 512 स्टेशनों का चयन आडिट के लिए किया था। इनमें मुख्य रूप से एनएसजी-1 और एनएसजी-2 श्रेणी के ऐसे स्टेशन शामिल थे, जहां यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। ऑडिट में यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी स्थिति को निर्धारित मानकों पर परखा गया।


भोपाल स्टेशन पर इनमें से कई सुविधाओं में कमी सामने आई। देशभर में ऑडिट किए गए स्टेशनों में सिर्फ 54 स्टेशन ऐसे मिले, जहां सभी 16 बुनियादी सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं। इनमें मध्य प्रदेश से इंदौर रेलवे स्टेशन भी शामिल है।

पेयजल, बैठने और शौचालय तक में कमी

भोपाल स्टेशन पर यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पंखे, शौचालय और स्वच्छता से जुड़ी कमियां दर्ज की गईं। यानी यात्रियों की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी व्यवस्थाएं भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं।

इन सुविधाओं को बनाया आधार

कैग ने स्टेशनों का मूल्यांकन 16 न्यूनतम यात्री सुविधाओं के आधार पर किया। इनमें पेयजल के नल और वाटर कूलर, प्रतीक्षालय, यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, प्लेटफार्म शेल्टर, यूरिनल, शौचालय, उच्चस्तरीय प्लेटफार्म, पंखे, फुटओवर ब्रिज, घड़ी, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और डस्टबिन समेत अन्य सुविधाएं शामिल थीं।

ऑडिट में यह देखा गया कि संबंधित स्टेशन पर इन सुविधाओं की उपलब्धता निर्धारित जरूरत के अनुरूप है या नहीं।

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एमपी के प्रमुख स्टेशनों का भी यही हाल

प्रदेश के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी अलग-अलग सुविधाओं की कमी मिली। जबलपुर स्टेशन पर पर्याप्त नल नहीं मिले। ग्वालियर में प्लेटफार्म शेल्टर, यूरिनल और पंखों से जुड़ी कमियां सामने आईं। रतलाम स्टेशन पर पंखों की संख्या निर्धारित मानक से कम पाई गई।

कैग रिपोर्ट 2019 से 2024 के बीच 16 रेलवे जोन के 512 स्टेशनों का आडिट किया गया। इस दौरान मिली कमियों में से कुछ दूर कर दी गई हैं, जबकि बाकी पर काम स्वीकृत हो चुका है। इससे स्टेशनों पर व्यवस्थाएं बेहतर होंगी। - मधुर वर्मा, सीपीआरओ, जबलपुर