• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

कचरा निपटान में लापरवाही पर NGT का एक्शन, भोपाल सहित कई अस्पतालों पर उठे सवाल

अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान को लेकर प्रदेश के कई जिलों में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है।

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 05:13:36 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 05:40:17 PM (IST)
  • को पसंदीदा स्रोत बनाएं preferred source google
कचरा निपटान में लापरवाही पर NGT का एक्शन, भोपाल सहित कई अस्पतालों पर उठे सवाल
कचरा निपटान में लापरवाही पर NGT का एक्शन

HighLights

  1. सामान्य कचरे में बायोमेडिकल वेस्ट मिलाने पर NGT सख्त
  2. पर्यावरण मंत्रालय समेत अन्य प्रतिवादियों को भेजा गया नोटिस
  3. छह सप्ताह में मांगा जवाब, अगली सुनवाई 12 जनवरी 2027 को

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान को लेकर प्रदेश के कई जिलों में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। राजधानी में ही कई अस्पतालों द्वारा सामान्य कचरे के साथ बायोमेडिकल वेस्ट मिला दिया जाता है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने इसे पर्यावरण से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। सभी से छह सप्ताह में जवाब मांगा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देकर दायर की गई याचिका

एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच में जितेश कुमार सिरोइया द्वारा दायर की गई याचिका में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016, कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी के संशोधित दिशा-निर्देश-2016 और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 2025 के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की मांग की गई है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि इन नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। इसी आधार पर एनजीटी अधिनियम की धारा 14, 15 और 20 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया है।


12 जनवरी 2027 को होगी अगली सुनवाई

इस पर न्यायमूर्ति श्योकुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की बेंच ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब देने को कहा है। अगली सुनवाई 12 जनवरी 2027 को होगी।

यह भी पढ़ें- शहडोल-रीवा मार्ग पर खड़े वाहन में जा घुसी यात्रियों से भरी बस, स्कूली बच्चों समेत 30 घायल; 10 गंभीर

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।