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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अयोध्यानगर क्षेत्र के अरेड़ी में एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार फेंसिंग और खंभे तोड़कर पानी से भरी एक खदान में जा गिरी। हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठे अन्य दो दोस्त घायल हो गए।
चालक को शरीर पर कुछ चोट के निशान मिले हैं, लेकिन पुलिस की प्राथमिक जांच में डूबने से मौत होना बताया जा रहा है। तीनों दोस्त शनिवार शाम को करीला धाम मंदिर के लिए निकले थे। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। अयोध्यानगर पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि 24 वर्षीय रोहित माली माहोली, छोला थाना क्षेत्र का रहने वाला था। वह राहुल सिंह नामक युवक की कार को ऑनलाइन कैब के रूप में किराये से चलाता था। उसके दोस्त अरविंद मालवीय और अजय भारती अरेड़ी में रहकर प्राइवेट काम करते हैं।
शनिवार शाम को तीनों दोस्तों का अशोकनगर स्थित करीला मंदिर जाने का प्लान था। शाम करीब पांच बजे रोहित कार लेकर अयोध्यानगर पहुंचा और दोनों दोस्तों को बैठाया।
इसी दौरान रोहित ने दोस्तों को बताया कि अरेड़ी में किसी युवक से उसे कुछ रुपये लेने हैं और वहां कार लेकर जाने लगा। कार में अजय ड्राइवर सीट के बाजू में बैठा था, जबकि अरविंद पीछे की सीट पर सवार था। वे अरेड़ी पहुंचे, लेकिन रोहित वहां बिना किसी से मिले वापस अयोध्यानगर की ओर आने लगा।
इसी दौरान कार अरेड़ी क्रेशर बस्ती में सड़क किनारे से तेज रफ्तार से गुजर रही थी। कंचन खदान के करीब मोड़ पर जैसे ही पहुंची तो रोहित कार को नहीं मोड़ पाया और अनियंत्रित कार फेंसिंग के तार और खंभे को तोड़ते हुए खदान में किसी फिल्म सीन की तरह जा गिरी।
गिरते समय कार का अगला हिस्सा नीचे की ओर था, जिससे चालक रोहित और उसके साथ आगे वाली सीट पर बैठे अजय को चोट लग गई। खंभे तोड़ने और कार के खदान में गिरने की आवाज सुनकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से खदान में रस्सी डाली और लोगों ने उतरकर तीनों कार सवारों को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने रोहित को मृत घोषित कर दिया, जबकि अरविंद और अजय का इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घायल दोस्त बोले- खदान में गिरने पर रोहित ने पानी पी लिया था। घायल अरविंद और अजय का कहना है कि कार खदान में नीचे जाकर गिरी थी। चालक रोहित ने डूबने के बाद पानी पी लिया था, जबकि हमने पानी नहीं पिया था। कार के दरवाजे के कांच खुले हुए थे, उनमें से रस्सी पकड़कर बाहर निकले।
क्रेशिंग के बाद 20 साल से खाली पड़ी हैं खदानें। अरेड़ी की जिस कंचन खदान में कार के गिरने से हादसा हुआ है, वहां ऐसी करीब आधा दर्जन खदानें मौजूद हैं। जहां दशकों पहले लीज पर लेकर खदानों में क्रेशिंग का काम किया गया और उन्हें फिर काम पूरा होने के बाद खाली ही छोड़ दिया गया।
जबकि नियम के अनुसार खदानों को भरा जाना था। बारिश के मौसम में खाली खदानों में पानी भर जाता है और वहां सिंगल लेन सड़क से आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है।