• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल

अपना राज्य चुनें

Top Cities

  • इंदौर
  • भोपाल
  • ग्वालियर
  • जबलपुर
  • रायपुर
  • बिलासपुर
  • लखनऊ
  • गोरखपुर
  • कानपुर
  • मेरठ

States

    • ई-पेपर

    • वेब स्टोरीज

    Move to Naidunia APP

    Trending

    • त्विषा शर्मा केस
    • भोजशाला पर फैसला
    • एलपीजी संकट
    • गर्मी का मौसम
    • मध्‍य प्रदेश की खबरें
    • वास्‍तु शास्‍त्र
    • स्वच्छ जल
    • होम
    • मध्य प्रदेश
    • भोपाल

    भोपाल: होम्योपैथी कॉलेज में बैकडोर एंट्री का खेल; योग्य डॉक्टरों ने राज्यपाल से की शिकायत

    शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे उच्च शैक्षणिक पदों पर आउटसोर्सिंग (सेडमैप) के ज...और पढ़ें

    By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
    Publish Date: Wed, 10 Jun 2026 11:09:02 AM (IST)Updated Date: Wed, 10 Jun 2026 11:09:02 AM (IST)
    • Join करें
    भोपाल: होम्योपैथी कॉलेज में बैकडोर एंट्री का खेल; योग्य डॉक्टरों ने राज्यपाल से की शिकायत
    प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।

    HighLights

    1. होम्योपैथी कॉलेज में आउटसोर्सिंग के जरिए प्रोफेसर भर्ती पर सवाल, मामला राज्यपाल तक पहुंचा
    2. शिकायतकर्ताओं ने एमपीपीएससी को दरकिनार कर बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाया
    3. प्राचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए भर्ती प्रक्रिया को नियमसम्मत बताया

    नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी स्थित शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से की जा रही नियुक्तियों को लेकर विवाद गहरा गया है।

    चयन प्रक्रिया को नियम-विरुद्ध और अवैध बताते हुए कुछ योग्य चिकित्सकों ने राज्यपाल के समक्ष न्याय याचिका दायर कर मामले की जांच और भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।

    शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उच्च शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियों के लिए संवैधानिक संस्था मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है।

    उनका कहना है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी (सेडमैप) के माध्यम से भर्ती कर पसंदीदा लोगों को "बैकडोर एंट्री" देने की कोशिश की जा रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों और स्थापित भर्ती नियमों की भावना के विपरीत है।

    राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के नियमों की अनदेखी का आरोप

    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद इतने महत्वपूर्ण शैक्षणिक पदों की भर्ती किसी मैनपावर एजेंसी को सौंपना गंभीर अनियमितता है। उनका आरोप है कि इससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

    यह भी पढ़ें- भोपाल में अब होम्योपैथी से होगा सोरायसिस और गठिया का इलाज, आयुष अस्पताल में खुली स्पेशल यूनिट

    पहले भी सामने आ चुका है विवाद

    शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि यह संस्थान पहले भी विवादों में रहा है। आरोप है कि पूर्व में बिना विज्ञापन और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के केवल आंतरिक समिति के माध्यम से 22 पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। उस समय कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा पर अपने परिजनों और कुछ प्रोफेसरों के रिश्तेदारों को नियुक्त करने के आरोप लगे थे।


    बताया जा रहा है कि उस मामले की जांच फिलहाल आयुष विभाग स्तर पर जारी है।

    प्राचार्य ने आरोपों को बताया निराधार

    भर्ती को लेकर केवल प्रोपेगेंडा (भ्रामक प्रचार) किया जा रहा है। हमने नियमानुसार नियुक्ति के लिए पत्र भेजा था, उसी के आधार पर प्रक्रिया शुरू की गई थी। जहां तक मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोपों की बात है तो वे पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं।- डॉ. एसके मिश्रा, प्राचार्य, शासकीय होम्योपैथिक कॉलेज व अस्पताल, भोपाल।