MP में 'पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे, बदहाल पड़े सरकारी स्कूल': CJP ने 'स्कूल ठीक करो अभियान' में खोली हकीकत
सीजेपी ने अभियान के दौरान दमोह, छतरपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, ग्वालियर, भिंड, बालाघाट, सिवनी और भोपाल समेत कई जिलों के सरकारी स्कूलों का मौके पर जाकर आकल...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 11:32:34 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 11:32:34 PM (IST)
गुरूवार को सीजेपी ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी। वीडियोग्रेब।HighLights
- सीजेपी का आरोप- कई सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं
- ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत स्कूलों के फोटो-वीडियो जुटाने का दावा
- सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बिजली, पानी, शौचालय का अभाव
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति को लेकर सीजेपी (काकरोच जनता पार्टी) ने आरोप लगाया है कि स्कूलों में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधा तक नहीं हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बच्चों पर पड़ रहा है।
सरकार को केवल नए स्कूल या भवन बनाने की बात करने की जगह मौजूदा स्कूलों की स्थिति का भी नियमित सोशल आडिट कराना चाहिए।
कई जिलों के स्कूल बदहाल
सीजेपी ने गुरुवार को भोपाल में स्कूल ठीक करो अभियान के तहत पत्रकारवार्ता की। अभियान के दौरान दमोह, छतरपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, ग्वालियर, भिंड, बालाघाट, सिवनी और भोपाल समेत कई जिलों के सरकारी स्कूलों का मौके पर जाकर आकलन करने का दावा किया गया।
अभियान से जुड़ी टीम ने स्कूलों की इमारत, बिजली, पानी, शौचालय, बाउंड्रीवाल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की तस्वीरें और वीडियो जुटाए हैं।
पार्टी से जुड़ीं मेहरागांव ग्राम पंचायत की सरपंच माया विश्वकर्मा ने कहा कि उन्होंने अब तक ग्वालियर, भिंड, मुरैना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छतरपुर और रायसेन सहित अन्य जिले के स्कूलों का निरीक्षण किया है। कई जगह स्कूल भवन जर्जर हैं। कुछ स्कूलों में बच्चे खुले में पढ़ने को मजबूर हैं।
पेड़ के नीचे लग रहा स्कूल
रायसेन जिले के नरहरा गांव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां बच्चे नर्मदा नदी के किनारे बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ रहे हैं। स्कूल भवन को करीब पांच साल पहले जर्जर घोषित कर बंद कर दिया गया था और नया भवन दो साल पहले स्वीकृत हो चुका है, लेकिन निर्माण अब तक नहीं हुआ।