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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। विधानसभा के पटल पर दिए गए मंत्रियों के आश्वासन और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा फासला होता है, इसका जीता-जागता प्रमाण खुद प्रदेश की राजधानी है। दिसंबर के सत्र में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में बड़ी मजबूती से कहा था कि अतिक्रमण की मॉनिटरिंग के लिए स्थाई व्यवस्था बनेगी और प्रदेश की सड़कें अतिक्रमण मुक्त होंगी, लेकिन करीब दो महीने बाद जब फिर से विधानसभा सत्र शुरू हो चुका है, तब मंत्री के दावे शहर की सड़कों पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। राजधानी के प्रमुख कारोबारी इलाके गंभीर अतिक्रमण की चपेट में हैं।
दिन में यहां की सड़कों का बड़ा हिस्सा वाहनों की पार्किंग में बदल जाता है। इसकी वजह से इन सड़कों से सामान्य यातायात भी संभव नहीं हो पाता। एमपी नगर जोन-एक में विजय स्तंभ चौराहा से रेलवे लाइन की ओर आने वाली सड़क पर बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं। इसी रास्ते पर कई हाथ ठेले और गुमठियां भी रखी हुई हैं। इसी रास्ते पर चित्तौड़ कॉम्प्लेक्स के पास वाले चौराहे पर भी वाहन खड़े रहते हैं। यहीं पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के कार्यालय हैं, जिनके बाहर रिजर्व पार्किंग के बोर्ड लगे हुए हैं। सड़क के दोनों ओर वाहनों के खड़े होने के बाद यदि कोई चार पहिया वाहन गुजरता है तो सामने से दो पहिया वाहन या पैदल निकलने वालों के लिए भी जगह नहीं बचती है।
एमपी नगर जोन-दो में सैकड़ों कोचिंग क्लासेस हैं, लेकिन अधिकतर के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में कोचिंग क्लासेस में आने वाले विद्यार्थी वाहनों को सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। इसकी वजह से जोन दो की सड़कों पर सामान्य आवाजाही के लिए भी जगह नहीं बचती। रही कसर कोचिंग कक्षाओं से छूटे विद्यार्थी, कारोबारी और खरीददारों की भीड़ पूरी कर देती है। ज्योति टाकीज चौराहे से बिग-बी जंक्शन की ओर जाने वाले रास्ते पर गुरुकृपा प्लाजा के सामने सड़क के दोनों किनारों के साथ ही सड़क के बीच में बने डिवाइडर से सटाकर भी दो और चार पहिया वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। ऐसे में अन्य वाहनों के लिए जगह ही नहीं बचती है और जाम लगता रहता है।
एक्सिस बैंक चौराहा, जोन-दो स्थित हनुमान मंदिर, विजय स्तंभ चौराहा सहित एमपी नगर में विभिन्न मार्गों पर हाथ ठेला और गुमठी संचालक अवैध तरीके से गुमठी और हाथ ठेला जमा कर व्यापार करते हैं। वहीं, कैफे संचालक अपनी दुकानों की प्रचार सामग्री और कई बार कुर्सियां तक सड़क पर जमा देते हैं। इसकी वजह से यहां से गुजरना मुसीबत बन जाता है। साथ ही साइड से आने वाले वाहन भी नजर नहीं आते, जिससे हादसे का डर लगा रहता है।
हमने किसी को भी रिजर्व पार्किंग की अनुमति नहीं दी है। यदि कोई सड़क पर रिजर्व पार्किंग का बोर्ड लगा रहा है तो वह अवैध है। - रजनीश श्रीवास्तव, जोनल अधिकारी, नगर निगम
समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है। शहर में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। एमपी नगर में सड़कों पर खड़े वाहनों के खिलाफ जल्द ही कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी। - शैलेंद्र सिंह भदौरिया, प्रभारी, अतिक्रमण विरोध दस्ता
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