
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी में साइबर अपराधियों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने बीते 24 घंटे के भीतर अलग-अलग थानों में साइबर ठगी के सात मामलों में एफआईआर दर्ज की है।
जालसाजों ने अलग-अलग इलाकों में क्रिप्टो करेंसी, वर्क फ्रॉम होम, बिजली बिल और संदिग्ध एपीके फाइल भेजने जैसे हथकंडे अपनाकर पीड़ितों को अपना शिकार बनाया और लाखों रुपये पार कर दिए। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार ठगी का सबसे बड़ा मामला जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां पुलिस लाइन निवासी और निजी बैंक के कर्मचारी पुनीत तिवारी को जालसाजों ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर भारी मुनाफे का झांसा दिया। मुनाफे के लालच में आकर पुनीत ने अलग-अलग किस्तों में कुल 27 लाख 55 हजार 153 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
वहीं, अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में ठगों ने तीन अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया। यहां रहने वाले रोज प्रधान के मोबाइल पर एक संदिग्ध एपीके फाइल भेजी गई थी, जिसे डाउनलोड करते ही उनके खाते से करीब एक लाख रुपये साफ हो गए।
इसी तरह अयोध्या नगर के ही राजन कुमार नामदेव को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर एक लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि नीतू नाम की महिला को फोन पर झांसा देकर दो लाख रुपये की ऑनलाइन चंपत लगा दी गई।
ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक और बड़ा मामला छोला मंदिर थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां कल्याण नगर की रहने वाली 29 वर्षीय मनीषा पंथी से जालसाजों ने 6 लाख 40 हजार 448 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
उधर, कोलार थाना क्षेत्र में भी दो लोगों को निशाना बनाया गया, जिसमें देव आशीष दास को बिजली का बिल जमा न होने का डर दिखाकर 1 लाख 45 हजार रुपये उड़ा दिए गए। कोलार के ही रहने वाले जय मालवीय को ''वर्क फ्रॉम होम'' के नाम पर घर बैठे मोटी कमाई का लालच दिया गया, जिसमें फंसकर उन्होंने 1 लाख 95 हजार रुपये गंवा दिए। साइबर सेल की मदद से पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर रही है।