फेक परमिट से शराब तस्करी: सोम डिस्टलरी सेहतगंज और रोजराजक रायसेन पर गिरी गाज, आबकारी आयुक्त ने सुनाया अहम फैसला
नकली परमिट से अवैध शराब परिवहन के 2023 के मामले में सरकार ने सोम डिस्टलरी सेहतगंज और रोजराजक रायसेन के लाइसेंस निलंबित किए हैं। हाईकोर्ट द्वारा सजा पर ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 12:52:01 AM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 12:52:01 AM (IST)
नकली परमिट और अवैध शराब के परिवहन के मामले में सोम डिस्टलरी के लाइसेंस निलंबित। फाइल फोटोHighLights
- सोम डिस्टलरी के दो लाइसेंस निलंबित
- HC से सजा पर रोक, दोषसिद्धि बरकरार
- आबकारी आयुक्त ने चार फरवरी को आदेश जारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: नकली परमिट के जरिए अवैध शराब परिवहन के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोम डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड सेहतगंज और रोजराजक जिला रायसेन को स्वीकृत अलग-अलग लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह आदेश आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा चार फरवरी को जारी किए गए।
कानूनी सलाह के बाद फैसला
आयुक्त कार्यालय ने इस मामले में महाधिवक्ता से परामर्श मांगा था। सलाह में स्पष्ट किया गया कि उच्च न्यायालय इंदौर की खंडपीठ द्वारा आरोपियों को दी गई सजा के क्रियान्वयन पर भले ही रोक लगी हो, लेकिन दोषसिद्धि आदेश को खारिज नहीं किया गया है। साथ ही लाइसेंस निलंबन पर भी किसी प्रकार की रोक नहीं है।
2023 का मामला और दोषसिद्धि
यह प्रकरण वर्ष 2023 का है। नकली परमिट और अवैध शराब परिवहन के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश देपालपुर ने सोम डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड सेहतगंज और रोजराजक जिला रायसेन को दोषी ठहराया था। कंपनी की ओर से प्रतिनिधि उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोड़ा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर और दीनानाथ सिंह को विभिन्न धाराओं में कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया था।
हाईकोर्ट में अपील
दोषसिद्धि के बाद कंपनी के पदाधिकारियों ने उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की थी, जिस पर सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई। हालांकि, महाधिवक्ता की राय के अनुसार दोषसिद्धि आदेश अब भी प्रभावी बना हुआ है।
विभागीय कार्रवाई भी जारी
इस प्रकरण में आबकारी उप निरीक्षक प्रीति गायकवाड को 25 सितंबर 2025 को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं, विभाग के अन्य अधिकारी मदन सिंह पवांर, कैलाश चंद्र बंगाली और राम प्रसाद मिश्रा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के प्रस्ताव आयुक्त कार्यालय द्वारा संबंधित विभाग को भेजे गए हैं।