नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अधिवक्ता राकेश रावल के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट का मामला बुधवार को राजधानी में बड़ा विवाद बन गया। टीआई समेत पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और एफआईआर की मांग को लेकर सैकड़ों वकील अरेरा हिल्स स्थित जिला कोर्ट के सामने चौराहे पर उतर आए।
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ चक्काजाम देर रात तक चलता रहा। इस दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और कोर्ट का कामकाज भी प्रभावित रहा। बढ़ते दबाव के बीच देर रात पुलिस ने जहांगीराबाद टीआइ समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
दिनभर बना रहा तनाव का माहौल
प्रदर्शन के दौरान हालात कई बार तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे एसीपी हनुमानगंज राकेश बघेल को धक्का देने और उनके वाहन को पलटने की कोशिश की गई। स्थिति संभालने के दौरान एसीपी हाथ जोड़ते नजर आए।
वकील पानी के टैंकर पर चढ़कर पुलिस के खिलाफ नारे लगाते रहे। इस दौरान कुछ राहगीरों से भी विवाद और मारपीट भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।
कीचड़ में पटककर पीटने का आरोप
अधिवक्ता राकेश रावल ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात करीब आठ बजे वह खटलापुरा मंदिर की तरफ से आ रहे थे। कंट्रोल रूम तिराहे पर रास्ता बंद होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया।
उन्होंने पेट्रोल कम होने और बैरागढ़ जाने का वैकल्पिक रास्ता पूछा तो पुलिस अधिकारियों से विवाद हो गया। बाद में उन्हें जहांगीराबाद टीआई राजन सिंह अहिरवार के साथ कार से थाने भेजा गया।
रावल का आरोप है कि जहांगीराबाद थाना परिसर में कार से उतरकर जब वह लघुशंका करने लगे, तभी पुलिसकर्मियों ने उन्हें कीचड़ में पटक दिया और डंडों से पीटा। इंटरनेट मीडिया पर सामने आए वीडियो में उनके कपड़े कीचड़ से सने और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान अधिवक्ता ने ट्रैफिक एसीपी अजय बाजपेयी के साथ अभद्रता और अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। पुलिस की ओर से भी घटना से जुड़ा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया गया है।
सुबह ही तीन पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के विरोध में मंगलवार देर रात करीब 50 वकीलों ने जहांगीराबाद थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके बाद डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने कार्रवाई करते हुए टीआई राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया।
पुलिस ने जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ भी गाली-गलौज और अभद्रता की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। वहीं रात दस बजे टीआई राजन सिंह अहिरवार के खिलाफ मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
एफआईआर के बाद उठा आंदोलन
बुधवार को वकीलों ने बस, कार और ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर चौराहा पूरी तरह बंद कर दिया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए बल तैनात किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों से दूरी बनाए रखी।
चक्काजाम के कारण शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकालना पड़ा। देर रात तक वकील धरने पर डटे रहे और मौके पर टेंट लगाकर भोजन की व्यवस्था शुरू कर दी।
देर रात पुलिस ने टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिसके बाद वकीलों ने आंदोलन बंद करने की घोषणा की। भोपाल बार काउंसिल के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने आंदोलन की समाप्ति की पुष्टि की है।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज होने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया है। हालांकि, गुरुवार को सभी अधिवक्ताओं की बैठक बुलाई गई है। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। साथ ही डीजीपी कैलाश मकवाना से मुलाकात कर मांग रखेंगे कि प्रदेश में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अधिवक्ताओं के साथ पुलिस का व्यवहार कानून के दायरे में रहे।- राजेश व्यास, वरिष्ठ अधिवक्ता