
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक (जेडी) द्वारा जारी एक आदेश के बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया। प्रदेशभर के शिक्षकों में यह आशंका गहरा गई है कि भविष्य में केवल शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण शिक्षकों को ही पदोन्नति का लाभ दिया जाएगा।
हालांकि, लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश या स्पष्ट स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद आदेश को लेकर शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गुरुवार को जारी आदेश में लिखा है कि आयुक्त अभिषेक सिंह वीडियो कान्फ्रेंसिंग के बाद मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत भोपाल संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया। इसमें टीईटी उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षकों का विस्तृत विवरण मांगा गया है। साथ ही विषयवार एवं संवर्गवार रिक्त पदों और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के रिक्त पदों की प्रमाणित जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश सामने आने के बाद शिक्षकों में यह चर्चा तेज हो गई कि कहीं पदोन्नति के लिए टीईटी को अनिवार्य पात्रता तो नहीं बनाया जा रहा। यदि ऐसा हुआ तो बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक, जिन्होंने टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया है, पदोन्नति से वंचित हो सकते हैं। अलग-अलग जिलों में अलग तरीके से जानकारी मांगे जाने से भ्रम और अधिक बढ़ गया है।
शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि यदि पदोन्नति में टीईटी को अनिवार्य बनाया जा रहा है तो इसका कानूनी और प्रशासनिक आधार सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी पूछा है कि यह नियम किन-किन शिक्षक संवर्गों पर लागू होगा। संगठन का कहना है कि जब तक विभाग स्पष्ट आदेश जारी नहीं करता, तब तक टीईटी के नाम पर अतिरिक्त जानकारी मांगने से बचना चाहिए।
पदोन्नति के लिए सामान्य जानकारी मांगी गई है। इसमें टीईटी संबंधी जानकारी केवल प्रशासनिक रिकार्ड के लिए मांगी गई है या भविष्य में इसे पदोन्नति की अनिवार्य शर्त बनाया जाएगा। इस संबंध में विभाग से कोई निर्देश नहीं मिले हैं।- धर्मेन्द्र शर्मा, जेडी, भोपाल संभाग