नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से नाराज अतिथि शिक्षक अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति ने ऐलान किया है कि जल्द ही राजधानी भोपाल में 'डेरा डालो-घेरा डालो' के तहत अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संगठन का कहना है कि वर्षों से ज्ञापन और प्रदर्शन के बावजूद सरकार केवल आश्वासन दे रही है। अब आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों पर स्पष्ट आदेश चाहिए।
शिक्षक दिवस के मौके पर शुक्रवार को प्रदेशभर से हजारों अतिथि शिक्षक भोपाल के शाहजहांनी पार्क पहुंचे। लगातार बारिश और कीचड़ के बीच शिक्षकों ने सरकार की कथित वादाखिलाफी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संगठन के मुताबिक, पिछले एक महीने से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ध्यानाकर्षण प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं हुई।
18 साल से स्थायी नीति का इंतजार
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में अतिथि शिक्षक व्यवस्था करीब 18 साल से चली आ रही है, लेकिन आज तक उनके लिए स्थायी नीति नहीं बनाई गई। उनका आरोप है कि वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न तो सेवा सुरक्षा मिली और न ही नियमित कर्मचारियों जैसी सामाजिक सुरक्षा।
संगठन ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को सालभर का पूरा मानदेय नहीं मिलता और प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में सेवा समाप्त होने का डर बना रहता है। महिला अतिथि शिक्षकों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए संगठन ने प्रसूति अवकाश सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप भी लगाया।
शिक्षक दिवस पर सम्मान और विरोध का विरोधाभास
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षक दिवस पर एक ओर सरकारी शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से पढ़ा रहे अतिथि शिक्षक बारिश और कीचड़ के बीच अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने को मजबूर थे।
उन्होंने नियमित शिक्षकों को मिलने वाली सेवा सुरक्षा, वेतन और अन्य सुविधाओं की तुलना अतिथि शिक्षकों की स्थिति से करते हुए सरकार से स्थायी नीति बनाने की मांग की।
पुराने वादों का दिलाया याद
अतिथि शिक्षकों ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 2 सितंबर 2023 को भोपाल के लाल परेड मैदान में हुई महापंचायत का हवाला देते हुए कहा कि वार्षिक अनुबंध, बेरोजगार नहीं करने और गुरुजी की तर्ज पर नियमित करने जैसे वादे किए गए थे, लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं हुआ।
संगठन ने वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विधायक रहते अतिथि शिक्षकों को संविदा व्यवस्था में लाने के समर्थन पत्र का भी उल्लेख किया। उनका सवाल है कि सरकार में आने के बाद इन मांगों पर अब तक निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
कई शिक्षकों का मानदेय अटका होने का दावा
अतिथि शिक्षक संगठन ने ई-अटेंडेंस और अवकाश से जुड़ी समस्याओं के कारण कई शिक्षकों का मानदेय अटकने का दावा किया। संगठन के अनुसार नर्मदापुरम और छतरपुर के करीब 100 शिक्षकों को लंबे समय से भुगतान नहीं मिला है।
अब भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी
अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने कहा कि संगठन अब और ज्ञापन देने के बजाय सीधे आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण फिलहाल सांकेतिक प्रदर्शन किया गया है।
यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो भोपाल में 'डेरा डालो-घेरा डालो' के तहत अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संगठन ने अतिथि शिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनाने, अनुभव को आधार बनाकर भविष्य सुरक्षित करने और सेवा से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान करने की मांग की है।