
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। तीन दिन की इंटर्न हड़ताल खत्म होने के बाद गुरुवार को हमीदिया अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। हड़ताल के दौरान जहां मरीज अस्पताल आने से कतरा रहे थे, वहीं काम शुरू होते ही ओपीडी और आपरेशन थियेटर फिर फुल हो गए।
गुरुवार को हमीदिया अस्पताल की कुल ओपीडी 2500 के पार रही। मेडिसिन, सर्जरी, आर्थो, ईएनटी, नेत्र रोग समेत सभी प्रमुख विभागों में ओपीडी 300 से ऊपर दर्ज की गई। गायनी विभाग में अकेले 300 से अधिक महिलाओं ने जांच कराई। छोटे-बड़े मिलाकर करीब 40 सर्जरी हुईं। इमरजेंसी में इंटर्न डाक्टर अपनी ड्यूटी पर लौटते नजर आए और वार्डों में भर्ती मरीजों की देखरेख शुरू कर दी।
बीते तीन दिनों में हड़ताल के चलते हमीदिया की ओपीडी आधी रह गई थी। कई मरीज बिना जांच के ही लौट गए थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सीनियर रेजिडेंट और प्रोफेसरों ने मोर्चा संभाला था, लेकिन इंटर्न के बिना ओपीडी पर्ची से लेकर ड्रेसिंग और सैंपल कलेक्शन तक की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। हड़ताल खत्म होते ही गुरुवार सुबह से ही काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं।
गायनी, मेडिसिन और सर्जरी विभाग में सबसे ज्यादा दबाव रहा। गायनी में 300 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की जांच हुई। मेडिसिन में बुखार और वायरल के मरीज ज्यादा आए। इमरजेंसी में भी गुरुवार को 200 से ज्यादा मरीज पहुंचे, जिनका इंटर्न डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। जीएमसी प्रबंधन के मुताबिक इंटर्न डाक्टर सरकार के फैसले से संतुष्ट हैं और अपनी क्लास में लौट आए हैं। वे नियमित क्लास अटेंड करने के साथ अस्पताल में मरीजों को भी देख रहे हैं।
इंटर्न डाक्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई है। सभी इंटर्न अपनी ड्यूटी और क्लास में वापस आ गए हैं। गुरुवार को हमीदिया में 2500 से ज्यादा ओपीडी रही है और सभी सर्जरी सुचारू रूप से हुई हैं। मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं। डॉ. कविता एन. सिंह, डीन, गांधी मेडिकल कॉलेज।