
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पिपलानी थाना क्षेत्र में हनीट्रैप और अड़ीबाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक होटल के कमरे में युवक-युवती के रुकते ही चार लोगों ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धावा बोल दिया। उन्होंने पुलिस केस में फंसाने की धमकी देकर युवक से करीब 65 हजार रुपये यूपीआई और 20 हजार रुपये नकद ऐंठ लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने महिला समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक आरोपित फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पिपलानी थाने से एसआई संतोष रघुवंशी के अनुसार आठ अगस्त को ग्राम बरखेड़ी खुर्द नियर होटल साक्षी कैरवा डैम रोड निवासी 34 वर्षीय युवक थाने आया और उसने बताया कि वह एक निजी कंपनी में सेल्स में नौकरी करता है। पांच अगस्त को उसकी एक पहचान की लड़की ने फोन किया और शाम को होटल में मिलने बुलाया, वह शाम छह बजे पिपलानी के थिएटर हाउस होटल के तीसरे मंजिल के एक कमरे में जाकर उसका इंतजार करने लगा, वह होटल पहुंची तो उसके साथ उसकी एक और लड़की साथ में थी।
उसके बाद बातचीत की और बाद में खाने का ऑर्डर दे दिया। तभी कुछ लोगों ने रूम का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही दरवाजा खोला तो एक महिला समेत कमरे में घुस आए और वीडियोग्राफी करने लगे। महिला ने कमरे में मौजूद लड़की की मां बताकर उसे धमकाना शुरू कर दिया और एक युवक ने पुलिसकर्मी बनकर उसके साथ मारपीट कर उसके रुपये छीनाझपटी शुरू कर दी।
इस दौरान आरोपितों ने युवती से पूछताछ शुरू कर दी, आरोपियों ने युवक को कथित तौर पर केस में फंसाने की धमकी दी। इसी दौरान आरोपितों में शामिल एक व्यक्ति ने खुद को मदद करने वाला बताते हुए मामले से बाहर निकालने की बात कही। पुलिस के मुताबिक इसी दबाव के बीच युवक से करीब 65 हजार रुपये यूपीआई से ले लिए गए और 20 हजार नकद लिए गए। घटना के बाद युवक काफी डर गया था, इस कारण से उसने एफआईआर कराने में देरी की।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपित कमला पार्क तलैया निवासी 35 वर्षीय अबूजर, बैरसिया निवासी 35 वर्षीय रघुवीर सिंह और जवाहर चौक निवासी 40 वर्षीय करुणा शाही को गिरफ्तार किया है। चौथा आरोपित यावर फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपितों की पुलिस रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को तीनों को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया। गिरोह का चौथा सदस्य यावर अभी फरार है। आरोपित खुद को एनजीओ और आरटीआई एक्टिविस्ट बताते हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि युवक को बुलाने वाली लड़की नाबालिग है और वह इस गिरोह से मिली हुई थी। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह मिलकर लोगों को अपना शिकार बनाता था। हालांकि, नाबालिग के साथ कमरे में मिलने के कारण पीड़ित युवक पर भी पोक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज और आरोपितों के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।
पुलिस के मुताबिक होटल के कमरे में पहुंचे सभी आरोपित सामान्य कपड़ों में थे। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवक को डराया और कार्रवाई का भय दिखाया। अब पुलिस होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों, आरोपितों के मोबाइल फोन और उनके आपसी संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना अचानक हुई थी या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी।
भोपाल में बीते कुछ सालों में अयोध्या नगर, गोविंदपुरा और पिपलानी थाना क्षेत्र शहर में हनीट्रैप के मामलों के सबसे बड़े गढ़ बन चुके हैं। पूर्व में ऐसे ही एक मामले में संलिप्तता सामने आने पर एक पुलिस इंस्पेक्टर को बर्खास्त भी किया जा चुका है। इसके बावजूद आला अधिकारियों की ढीली निगरानी के चलते इस तरह के संगठित गिरोह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।