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एमपी में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को कोर्ट केस लड़ने के लिए मिलेगी राशि

भारत सरकार के निर्देश के अनुसार अधिकारियों को कानूनी सहायता केवल सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में ही मिलेगी। किसी अधिकारी के विरुद्ध उसके आधिकारिक का...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 05 Aug 2026 11:05:03 PM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 11:12:51 PM (IST)
एमपी में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को कोर्ट केस लड़ने के लिए मिलेगी राशि
एमपी के आईएएस, आईपीएस अधिकारी। - एआई फोटो।

HighLights

  1. भारत सरकार ने राज्यों को भेजे गए हैं निर्देश।
  2. सामान्य प्रशासन विभाग जारी करेगा दिशा निर्देश।
  3. किसी अधिकारी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज होता है।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। देश के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के विरुद्ध सेवा के दौरान शासकीय कार्य के चलते न्यायालय में मामले दर्ज होते हैं, तो सरकार कानूनी मदद उपलब्ध कराएगी।

भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। अब मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग इस संबंध में दिशा निर्देश जारी करेगा।

भारत सरकार के निर्देश के अनुसार अधिकारियों को कानूनी सहायता केवल सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में ही मिलेगी।

किसी अधिकारी के विरुद्ध उसके आधिकारिक कार्य के कारण प्रकरण दर्ज होता है, तो सरकार बचाव में उतार सकती है।

कोई निजी व्यक्ति अधिकारी के निर्णय को लेकर मामला दर्ज करता है तो अधिकारी अपनी कार्रवाई को सही साबित करने के लिए स्वयं न्यायालय जाता है तो उसे ब्याज मुक्त अग्रिम राशि दी जा सकती है।

इसके लिए उसे बांड भरना होगा। यदि बाद में खर्च की भरपाई स्वीकृत होती है तो अग्रिम राशि का समायोजन कर दिया जाएगा। सेवानिवृत अधिकारी को भी यह सुविधा मिलेगी।