
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। गांव की आबादी में 26 साल से मकान बनाकर रह रहा परिवार सरकारी स्वामित्व योजना में अपना नाम जुड़वाने के लिए भटक रहा है। हुजूर तहसील के खोकरिया गांव के नर्मदा प्रसाद ने मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर मकान का रिकार्ड स्वामित्व योजना में शामिल करने और रजिस्ट्री कराने की मांग की।
जनसुनवाई में कलेक्टर की अनुपस्थिति में एडीएम सुमित पांडे ने मामले की जांच हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया को सौंपी। मंगलवार की जनसुनवाई में कुल 153 लोगों ने शिकायतें दर्ज कराकर प्रशासन से राहत की मांग की।
जानकारी के अनुसार नर्मदा प्रसाद पिता बापूलाल ने आवेदन में बताया कि वह वर्ष 2000 से खोकरिया गांव में रह रहा है। इतने लंबे समय से गांव में निवास और मकान होने के बावजूद उसका नाम स्वामित्व योजना में शामिल नहीं किया गया। योजना का उद्देश्य आबादी क्षेत्र में वर्षों से रह रहे लोगों को उनके मकान का अधिकार और दस्तावेज उपलब्ध कराना है, लेकिन उसका मामला अब तक इस प्रक्रिया से बाहर है। उसने मकान की रजिस्ट्री कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत अगरिया के सरपंच सुनील कुमार ने पंचायत सचिव हेम सिंह राजपूत पर विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सरपंच का कहना है कि सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। लगातार बने हालात के कारण उन्होंने पंचायत में सरपंच पद संभालने में असमर्थता जताते हुए इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की। एडीएम प्रकाश नायक ने मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी को सौंपी है।
बैरसिया तहसील के ललरिया निवासी मोहम्मद जुनैद ने पत्नी को वापस घर लाने में मदद की गुहार लगाई। आवेदन के अनुसार छह साल पहले विदिशा जिले के सेऊ नटेरन निवासी फिरदौस से शादी हुई थी। दो बच्चे हैं। पत्नी करीब एक साल पहले दोनों बच्चों को छोड़कर मायके चली गई और कई प्रयासों के बावजूद वापस आने को तैयार नहीं है। जुनैद ने ससुर और साले पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बताया कि थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। उसने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
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