एमपी में डॉक्टरों का आंदोलन, स्टाइपेंड नहीं बढ़ा तो सोमवार से बंद होगी ओपीडी; रूटीन सर्जरी भी ठप
प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड संशोधन और एरियर भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 07 Mar 2026 08:40:29 PM (IST)Updated Date: Sat, 07 Mar 2026 08:40:29 PM (IST)
एमपी में डॉक्टरों का आंदोलन( फाइल फोटो)HighLights
- स्टाइपेंड संशोधन और एरियर भुगतान की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों का विरोध
- प्रदेश के करीब आठ हजार रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार से काम बंद करने की चेतावनी
- ओपीडी और रूटीन ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं, आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड संशोधन और एरियर भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) सहित अन्य कॉलेजों में शनिवार को डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो सोमवार से ओपीडी और रूटीन ऑपरेशन सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इससे प्रदेश भर के करीब आठ हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न काम बंद कर सकते हैं।
स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं होने से नाराजगी
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि शासन के सात जून 2021 के आदेश के अनुसार सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन एक अप्रैल 2025 से लागू होना था। लेकिन करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है। साथ ही अप्रैल 2025 से बकाया एरियर का भुगतान भी नहीं हुआ है।
इसी वजह से प्रदेश के रेजिडेंट डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना है।
रविवार को जस्टिस मार्च
आंदोलन के अगले चरण में रविवार को गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर सहित दतिया, ग्वालियर, जबलपुर और अन्य मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर जस्टिस मार्च निकालेंगे।
सोमवार से ओपीडी और इलेक्टिव सेवाएं बंद होने की स्थिति में मरीजों को हर्निया सहित अन्य सामान्य सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
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