Ken-Betwa Link Project: छतरपुर में 1.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई परियोजना को स्वीकृति, केंद्र सरकार उठाएगी 90 प्रतिशत खर्च
केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इसमें केंद्र सरकार के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भागीदार हैं। केंद्र सरकार ने छतर ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 10 Feb 2026 02:29:49 AM (IST)Updated Date: Tue, 10 Feb 2026 02:32:23 AM (IST)
1.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई परियोजना को स्वीकृति (सांकेतिक फोटो)HighLights
- सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से दौधन बांध का पहुंचेगा पानी
- केंद्र सरकार उठाएगी परियोजना का 90 प्रतिशत खर्च
- केंद्र सरकार ने एलबीसी परियोजना को स्वीकृति दी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल: केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश की भागीदारी वाले केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक लाख 39 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने की लेफ्ट बैंक कैनाल (एलबीसी) परियोजना को स्वीकृति दे दी है। इसमें सूक्ष्म सिंचाई तकनीक को अपनाया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत तैयार किए जा रहे दौधन बांध से नहर के जरिए क्षेत्र में पानी पहुंचाया जाएगा। सर्वे का काम पहले ही पूरा हो चुका है। जल संसाधन विभाग अब निर्माण कार्य के लिए शीघ्र ही टेंडर करने की तैयारी कर रहा है। इसमें लगने वाले खर्च का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार उठाएगी।
बता दें कि केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इसमें केंद्र सरकार के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भागीदार हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया के पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार ने एलबीसी परियोजना को स्वीकृति दी है। दौधन बांध का निर्माण भी प्रारंभ हो चुका है। इसी से पाइप लाइन के जरिए सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाएगा।
बता दें कि केन बेतवा लिंक परियोजना में भूमिगत दबाव पाइप लाइन से सिंचाई की जानी है, जिससे पानी का अपव्यय न हो। इससे प्रदेश के 10 जिले छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8.1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे 44 लाख किसानों को लाभ होगा।
यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 13 और जिला महासचिव किए नियुक्त, 12 नगर अध्यक्षों के नाम हुए घोषित
ब्यामरा सिंचाई परियोजना को मिल चुकी है स्वीकृति
एलबीसी के पहले ब्यामरा सिंचाई परियोजना को स्वीकृति केंद्र से मिल चुकी है। इसमें अभी सर्वे का काम चल रहा है। इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर होगा। इस परियोजना से पन्ना-दमोह में ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई हो सकेगी। इसी तरह से केंद्र से अलग-अलग परियोजनाओं की स्वीकृति चरणबद्ध तरीके से मिलेगी।