
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। लोकायुक्त टीम भोपाल ने नापतौल विभाग के प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन के इशारे पर एक लाख की रिश्वत लेते हुए सेवानिवृत्त निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल को रंगे हाथ धर दबोचा। यह कार्रवाई बोर्ड आफिस चौराहे के पास स्थित इंडियन काफी हाउस के सामने, मुख्य मार्ग एमपी नगर में की गई। लोकायुक्त के डीएसपी वीरेंद्र सिंह के अनुसार,शिकायतकर्ता अमित सिंह बघेल (संचालक, बीपी भोपाल सिटी पेट्रोल पंप, एमपी नगर जोन-2) के पेट्रोल पंप पर संचालित मशीनों की जांच नापतौल विभाग द्वारा की गई थी।
जांच के दौरान प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन ने पंप के तीन नोजल बंद कर दिए थे और एक विभागीय प्रकरण बना दिया था। इस केस के निराकरण करने, पेट्रोल/डीजल डिस्पेंसर (मशीनों) की वैधानिक जांच और दोबारा सत्यापन करने के एवज में प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन द्वारा आवेदक से चार लाख की भारी-भरकम रिश्वत की मांग की जा रही थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर आवेदक अमित सिंह बघेल ने 24 जून को लोकायुक्त भोपाल के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार से लिखित शिकायत की।
शिकायत की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक विशेष दल का गठन किया और ट्रैप की योजना बनाई। जिसके तहत, 2 जुलाई को आरोपित नासिमुद्दीन के कहने पर सेवानिवृत्त निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये की राशि लेने बोर्ड आफिस चौराहे के पास पहुंचा। जैसे ही हरिप्रसाद पटेल ने आवेदक से रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, वैसे ही वहां सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
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नसीमुद्दीन प्रभारी उप नियंत्रक एवं निरीक्षक नाप तौल ने हरिप्रसाद पटेल सेवनिवृत्त निरीक्षक को अपना दलाल बना रखा था। उनके ही माध्यम से यह इस तरह से रिश्वत की रकम लेते थे। लोकायुक्त जांच कर रही है। इस तरह से वह और कितने लोगों को इसी तरह से अपना शिकार बना चुका है।