
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में पिछले माह जूनियर और सीनियर्स के बीच मारपीट व रैगिंग के मामले में प्रबंधन ने सात विद्यार्थियों पर कार्रवाई की है। उन्हें एक साल के लिए छात्रावास से निष्कासित किया गया है। साथ ही वे खेल गतिविधियों में भागीदारी नहीं कर पाएंगे। मैनिट प्रबंधन का कहना है कि फिलहाल इस मामले में सीसीटीवी फुटेज देखकर जितने विद्यार्थियों के हाथ में लाठी व डंडे थे। उनपर तत्काल कार्रवाई की गई है।
बता दें कि मैनिट में पिछले माह 22 से 25 जनवरी तक आयोजित टेक्नोसर्च 2026 के दौरान द्वितीय वर्ष के एक विद्यार्थी के साथ चतुर्थ वर्ष के सात विद्यार्थियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और मारपीट हो गई थी। इस दौरान जूनियर विद्याथी का बचाव करने और भी विद्यार्थी आ गए थे। जूनियर विद्यार्थी ने यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन में रैगिंग की शिकायत कर दी थी। हेल्पलाइन ने प्रकरण को गंभीर प्रकरण की श्रेणी में डालते हुए मैनिट प्रबंधन को तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया था।
हेल्पलाइन से ई-मेल मिलने के बाद मैनिट प्रबंधन ने जगह-जगह लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाला। मामले को प्राक्टोरियल बोर्ड के सामने रखा गया था। बोर्ड के सामने दोनों पक्ष के विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए गए। बैठक में दोनों पक्षों के विद्यार्थियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मैनिट द्वारा अनुशासनहीन आचरण माना गया। इसके बाद प्राक्टोरियल बोर्ड ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट हेल्पलाइन को भेज दिया है।
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अभिभावकों को भी जानकारी दी गई है मैनिट के डीन स्टूडेंट वेलफेयर आरएन यादव ने बताया कि दोषी विद्यार्थियों को मैनिट के छात्रावास से एक साल के लिए निष्काषित किया गया है। सातों विद्यार्थियों को छात्रावास भी खाली करने होंगे। उक्त अवधि में सभी विद्यार्थियों का खेल परिसर में प्रवेश एवं अन्य छात्र गतिविधियों में शामिल होना निषेध किया गया है। यहां तक कि उक्त विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी सूचना दे दी गई है और आदेश की कापी भी भेजी जा रही है।