
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर के घने बसे इलाकों के नीचे टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) दुर्गावती ने अपना काम शुरू कर दिया है। सोमवार शाम 4 बजे जमीन से 24 मीटर नीचे शुरू हुई इस खोदाई ने पहले 24 घंटों में लगभग 7 मीटर का सफर तय कर लिया है, लेकिन जमीन के ऊपर बसे कारोबारियों के बीच डर और नाराजगी देखने को मिल रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि जो काम टनल की खोदाई से पहले शुरू किया जाना चाहिए था, वह काम दूसरे दिन मंगलवार से शुरू हुआ।
मेट्रो प्रबंधन ने टनल के दायरे में आने वाली पुरानी और संवेदनशील इमारतों में सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं। खुदाई के दौरान होने वाले संभावित कंपन को भांपने के लिए दीवारों और छतों की दरारों पर स्केल लगाए गए हैं, ताकि किसी भी मूवमेंट की तुरंत निगरानी हो सके। साथ ही जर्जर और कमजोर भवनों को गिरने से बचाने के लिए लोहे के भारी-भरकम एंगल से सपोर्ट दिया जा रहा है। यह देखकर कहना गलत नहीं होगा कि मेट्रो प्रबंधन ने सुरक्षा के इंतजामों का नजरअंदाज किया, जिस वजह से व्यापारियों में आक्रोश है।
स्टेशन से पुल पातरा तक बनने वाले इस कारिडोर के ऊपर कई बहुमंजिला होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं । स्थानीय होटल व्यवसायियों का आरोप है कि मेट्रो प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के खुदाई शुरू कर दी। व्यापारी बताते हैं कि उपेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि एक साल पहले सर्वे के दौरान अधिकारियों ने 10-15 दिन पहले नोटिस देने और इमारतों को खाली कराकर नुकसान की भरपाई का वादा किया था, लेकिन अब बिना बताए काम शुरू कर दिया गया है।
चूंकि इस मार्ग पर स्थित अधिकांश भवन 5 से 6 मंजिला ऊंचे और दशकों पुराने हैं, इसलिए खोदाई की निरंतरता के बीच सुरक्षा और समन्वय अब मेट्रो प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
3.39 किलोमीटर लंबे इस भूमिगत कारिडोर विशेष रूप से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड और हमीदिया रोड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से गुजरेगा । इस रूट पर दो प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड बनाए जाने हैं । वर्तमान में खोदाई मुख्य मार्ग के ठीक नीचे की जा रही है। 400 मीटर तक टीबीएम को खोदाई करना है। इस काम के लिए दो महीने का लक्ष्य रखा गया है।
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खोदाई से पहले किसी प्रकार को कोई नोटिस नहीं आया। अब मेट्रो प्रबंधन सुरक्षा के इंतजाम कर रहा है। घटना हुई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। उपेंद्र सिंह सेंगर, व्यवसायी, कंपन महसूस नहीं हो रहा, लेकिन सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए, जो कमजोर इमारते हैं उनको लोहे के एंगल से स्पोर्ट दिया जा रहा है। मुकेश गौर, व्यापारी
टीबीएम के चलने से होने वाले कंपन की निगरानी की जा रही है । स्केल से कंपन की तीव्रता नापी जा रही है। सभी प्रकार की टेस्टिंग के बाद ही टीबीएम से खोदाई का काम शुरू हुआ है।- एस. कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो