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नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में जारी भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर मेट्रो और एनएचएआई के निर्माण कार्य ने आम जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को करोंद चौराहे के पास मेट्रो निर्माण के लिए की जा रही खोदाई के दौरान कोलार फीडर की मुख्य पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप लाइन फूटते ही लाखों लीटर पानी सड़क पर बह गया और देखते ही देखते करोंद सहित आसपास के कई बड़े इलाकों की बत्ती गुल होने की तरह जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इस लापरवाही के कारण करीब एक लाख की आबादी को दिनभर पानी के लिए तरसना पड़ा, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।
बिना प्लानिंग काम पर भड़के मंत्री
घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद मेट्रो प्रबंधन, एनएचएआइ, जिला प्रशासन और नगर निगम के आला अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और जमकर फटकार लगाई। मंत्री सारंग ने अधिकारियों से दो टूक शब्दों में कहा कि बिना किसी ठोस प्लानिंग और अन्य विभागों से तालमेल किए बिना खोदाई का काम बिल्कुल न किया जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि जब तक पाइप लाइन पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित इलाकों में नगर निगम के टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
इन इलाकों में मचा हाहाकार
पाइप लाइन टूटने की वजह से एलआइजी, नारियलखेड़ा, पिंजोमल, चौकसे नगर, जेपी नगर, आरिफ नगर, डीआईजी चौराहा, रेशम केंद्र और टीला जमालपुरा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो गई है। आरिफ नगर और बैरसिया रोड क्षेत्र में 400 एमएम व्यास की डीआइ लाइन क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों में दो दिन बाद भी सप्लाई पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है।
15 दिनों में 14 बार टूटी लाइनें
अयोध्या नगर से शुरू हुआ पाइप लाइन टूटने का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। निर्माण एजेंसियां नगर निगम से बिना तालमेल किए आनन-फानन में बुलडोजर से खोदाई करवा रही हैं, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
अधिकारियों का क्या कहना
अयोध्या बायपास रोड, भानपुर, करोंद और आरिफ नगर में हुई इस क्षति की भरपाई के लिए निगम ने सख्त कदम उठाया है। पूर्व में हुए नुकसान का हर्जाना नोटिस पहले ही थमाया जा चुका है और इस नए फाल्ट के लिए भी मेट्रो प्रशासन को हर्जाना वसूली का नोटिस देने की तैयारी कर ली गई है। फिलहाल निगम की टीमें देर रात तक सुधार कार्य में जुटी रहीं।
उदित गर्ग, अधीक्षण यंत्री, ननि
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