
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश देश में सूचना प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के एक सशक्त केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु में उद्योगपतियों से वन-टू-वन संवाद में कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव व केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों से चिप डिजाइन, ड्रोन तकनीक, जीसीसी, डेटा सेंटर और स्पेसटेक के बारे में बातचीत की। इनमें प्रदेश को 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
वन-टू-वन संवाद में मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर निवेशक को सुरक्षित वातावरण, सिंगल विंडो सिस्टम से त्वरित अनुमतियां और नीतिगत सहयोग देने के लिए पूरी तरह तत्पर है। बेंगलुरु के तकनीकी इकोसिस्टम और मप्र के औद्योगिक आधार के समन्वय से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि उद्योग की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं हर रोड शो में निवेशकों के साथ संवाद करते हैं और उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी रहते हैं, ताकि निवेश से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं का तत्काल समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्वालियर टेलीकॉम जोन से लेकर मालवा-महाकोशल तक औद्योगिक विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद में विशेष रूप से ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की विशेषताओं और संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार टेलीकॉम उपकरणों के विनिर्माण के साथ-साथ इस क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री से एयरबाउंड के संस्थापक नमन पुष्प, आइडियाफोर्ज की हेड ऑफ मार्केटिंग कुथि अरमनमाडा, नॉटिकल विंग्स के हेड ऑफ बिजनेस डेवलपमेंट रोहन फर्नांडीस, न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज के हेड ऑफ बिजनेस अश्विन शास्त्री और अनमैन्ड सिस्टम्स के संस्थापक एवं सीईओ यशवंत रेड्डी ने प्रदेश में ड्रोन निर्माण और परीक्षण इकोसिस्टम विकसित करने के साथ-साथ निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि प्रदेश में ड्रोन विनिर्माण और रक्षा तकनीक को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री से एचपी एंटरप्राइजेज की ओर से जीसीसी क्षेत्र में कार्यरत जयंत और तारा, जेडस्केलर आईटी कंपनी की ओर से श्रीनिधि तथा क्वांटम कंप्यूटिंग और एआई क्षेत्र में कार्यरत कंपनी की ओर से अनुराग ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से फुजित्सु कंसल्टिंग इंडिया प्रा. लि. की ओर से विशाल अगस्त्या (कंट्री लीडर, इंडिया एवं कंसल्टिंग लीड, ग्लोबल डिलीवरी यूनिट) तथा इनफिनिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से नितिन मेहता (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं कंट्री हेड) ने भी भेंट की।
मुख्यमंत्री से संवाद में थोलोन्स के चेयरमैन व सीईओ अविनाश वशिष्ठ और अंकिता वशिष्ठ ने प्रदेश में 210 करोड़ रुपये के निवेश से जीसीसी यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने पर चर्चा की। असेइक मावेन सिलिकॉन के संस्थापक एवं सीईओ शिवकुमार पीआर ने प्रदेश में कुल 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन हाउस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसके प्रथम चरण में 25 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ पंकज गर्ग ने भी विभिन्न चरणों में कुल 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज स्थापित करने पर सहमति जताई। डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड सीफंड के नरेंद्र भंडारी ने मप्र के स्टार्टअप्स के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तुत की।
नाइनस्टार्स इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं सीईओ गोपाल कृष्णन ने मप्र में आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने पर विमर्श किया। स्पेसटेक के क्षेत्र में गैलेक्सी के सह-संस्थापक रक्षित भट्ट और पायल दवे ने अपनी सहभागिता को लेकर संवाद किया। रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली तथा पर्यावरण एवं डोनाउ कार्बन इंडिया के सीईओ व एमडी वीरेंद्र चौधरी ने भी प्रदेश में अपनी योजनाओं को लेकर चर्चा की।