• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP के सरकारी स्कूलों में AI पढ़ाई की तैयारी, लेकिन 63 हजार स्कूलों में इंटरनेट नहीं, 39 हजार कंप्यूटर से दूर

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आठवीं से एआई शिक्षा शुरू करने की तैयारी है, लेकिन कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली और प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी योजना के सा...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Tue, 14 Jul 2026 09:05:45 AM (IST)Updated Date: Tue, 14 Jul 2026 09:05:45 AM (IST)
MP के सरकारी स्कूलों में AI पढ़ाई की तैयारी, लेकिन 63 हजार स्कूलों में इंटरनेट नहीं, 39 हजार कंप्यूटर से दूर
MP के सरकारी स्कूलों में AI पढ़ाई की तैयारी।

HighLights

  1. 63 हजार सरकारी स्कूलों में आज भी इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं।
  2. करीब 39 हजार स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा पूरी तरह नहीं।
  3. भोपाल-इंदौर भी डिजिटल लर्निंग में औसत प्रदर्शन तक सीमित रहे।

अंजली राय, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा आठवीं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन उनकी मौजूदा डिजिटल स्थिति इस लक्ष्य के सामने बड़ी चुनौती बन सकती है।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआइ) 2025-26 की जिलेवार रिपोर्ट और यूडाइस प्लस के आंकड़ों के अनुसार अधिकांश सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट क्लासरूम और प्रशिक्षित शिक्षक तक नहीं हैं। भोपाल-इंदौर जैसे सुविधा संपन्न जिले भी इस मामले में औसत हैं। वहीं निवाड़ी, आलीराजपुर और झाबुआ की स्थिति प्रदेश में सबसे कमजोर है।


63 हजार स्कूलों में इंटरनेट नहीं, 38 हजार में कंप्यूटर का अभाव

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 63 हजार सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा और 38 हजार स्कूलों में कंप्यूटर नहीं हैं। शिक्षाविद डा. दामोदर जैन का कहना है कि यदि सरकारी स्कूलों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को शीघ्र मजबूत नहीं किया गया, तो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एआइ और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का लक्ष्य अधूरा रह सकता है। डिजिटल शिक्षा के लिए सबसे पहले स्कूलों में बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर, स्मार्ट क्लासरूम और प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता आवश्यक है।

डिजिटल लर्निंग में महानगर भी औसत प्रदर्शन तक सीमित

पीजीआइ रिपोर्ट में डिजिटल लर्निंग के लिए 50 अंकों का मूल्यांकन किया गया। इसमें इंदौर को 21, भोपाल को 20, ग्वालियर को 17 और जबलपुर को 14 अंक मिले। यानी प्रदेश के बड़े शहर भी औसत प्रदर्शन से आगे नहीं बढ़ सके। वहीं निवाड़ी जिला छह अंकों के साथ प्रदेश में सबसे फिसड्डी रहा। आलीराजपुर और झाबुआ जिलों को आठ-आठ अंक मिले हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री के जिले नरसिंहपुर की स्थिति भी कमजोर

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के गृह जिले नरसिंहपुर का प्रदर्शन भी कई मानकों पर कमजोर रहा। डिजिटल लर्निंग में उसे 50 में से 14 अंक, लर्निंग आउटकम्स में 290 में से 159 अंक, प्रभावी कक्षा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में 90 में से 51 अंक, स्कूल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण में 35 में से 13 अंक और शासन प्रक्रिया में 84 में से 46 अंक प्राप्त हुए।

इन मानकों पर हुआ डिजिटल लर्निंग का आकलन

  • क्या स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के लिए इंटरनेट की सुविधा है।
  • क्या स्कूलों में कंप्यूटर-लैपटाप है।
  • क्या स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा है।
  • प्रति कंप्यूटर बच्चों का अनुपात क्या है।
  • क्या स्कूलों में कंप्यूटर के जरिये पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षक हैं।

(नोट- प्रति मानक के 10 अंक निर्धारित किए गए थे।)

डिजिटल लर्निंग के लिए प्रदेश के स्कूलों में यह स्थिति

  • प्रदेश में स्कूलों की संख्या-1,19,064।
  • स्कूलों में कंप्यूटर नहीं है-38,958।
  • कंप्यूटर शैक्षणिक कार्य के लिए उपलब्ध नहीं है-45,743।
  • स्कूलों में इंटरनेट सुविधा नहीं है-63,136।
  • स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं है-7,718।
  • स्कूलों में बिजली सुविधा नहीं है-1,11,76।

(नोट- यूडाइस प्लस 2025-26 से आंकड़े लिए गए हैं।)

पीजीआइ की रैंकिंग को सुधारने का प्रयास

पीजीआइ की रैंकिंग की समीक्षा अभी की जा रही है। जिलेवार समीक्षा कर हर क्राइटेरिया में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा। डॉ. संजय गोयल, सचिव, स्कूल शिक्षा

ये खबर भी पढ़ें- राजगढ़ में शिक्षा विभाग की कार्रवाई से हड़कंप, फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी कर रहे 9 शिक्षक बर्खास्त