MP बोर्ड का बड़ा फैसला: 10वीं में बेसिक गणित पढ़ने वाले भी 11वीं में ले सकेंगे मैथ्स, जानें नियम
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने विद्यार्थियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब 9वीं और 10वीं कक्षा में बेसिक गणित विषय से पढ़ाई करने वाले...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 29 May 2026 07:54:57 PM (IST)Updated Date: Fri, 29 May 2026 07:54:57 PM (IST)
10वीं में बेसिक गणित लेने वाले 11वीं में पढ़ सकेंगे मैथ्स।HighLights
- 10वीं में बेसिक गणित लेने वाले 11वीं में पढ़ सकेंगे मैथ्स
- माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
- रुचि होने के बावजूद बच्चे गणित से पढ़ाई नहीं कर पाते
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने विद्यार्थियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब 9वीं और 10वीं कक्षा में बेसिक गणित विषय से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं भी 11वीं कक्षा में गणित विषय लेकर आगे की पढ़ाई कर सकेंगे। मंडल ने इस संबंध में नियमों में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से लागू कर दी है। माशिमं ने आदेश जारी कर दिए हैं।
अब तक केवल वे विद्यार्थी ही 11वीं में गणित विषय चुन सकते थे, जिन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में स्टैंडर्ड गणित विषय लिया होता था। बेसिक गणित लेने वाले विद्यार्थियों को गणित विषय चुनने की अनुमति नहीं मिलती थी। इस कारण कई विद्यार्थी अपनी रुचि होने के बावजूद आगे गणित विषय से पढ़ाई नहीं कर पाते थे।
बता दें, स्कूल शिक्षा विभाग ने दो साल पहले नौवीं कक्षा से बेसिक व स्टैंडर्ड गणित का विकल्प शुरू किया था। इसके लिए पाठ्यपुस्तक भी एक ही होती थी, लेकिन परीक्षा में प्रश्नपत्र अलग-अलग होता था। हालांकि दोनों प्रश्नपत्रों के कठिनाई का स्तर अलग-अलग होता था। प्राचार्यों का कहना है कि इससे विद्यार्थियों पर विषय चयन का अनावश्यक दबाव कम होगा और उन्हें आगे बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
माशिमं के इस निर्णय से हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। कई विद्यार्थी ऐसे होते हैं, जिन्हें 9वीं और 10वीं में गणित कठिन लगने के कारण वे बेसिक गणित का चयन कर लेते थे, लेकिन बाद में उनकी रुचि गणित विषय में बढ़ जाती थी। पुराने नियमों के कारण उन्हें विज्ञान या गणित संकाय में प्रवेश लेने में परेशानी होती थी।
स्टैंडर्ड गणित के विद्यार्थी कम
प्राचार्यों का कहना है कि बेसिक में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होती थी, जबकि स्टैंडर्ड गणित में कम संख्या होती थी। आगे 11वीं में कई विद्यार्थियों का विज्ञान संकाय लेने का मन करता था तो वे नहीं ले पाते थे। इस कारण इस नियम में बदलाव किया गया।
वर्जन
'अब बेसिक व स्टैंडर्ड गणित की अनिवार्यता खत्म होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार 11वीं में गणित विषय चुन सकेंगे। यह फैसला विद्यार्थियों के करियर विकल्पों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।'- बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं