1985 के बाद कांग्रेस का बड़ा ट्रेनिंग अभियान, एमपी में कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से संविधान तक की ट्रेनिंग
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 1985 के बाद कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण का अभियान शुरू किया है। 40 जिलों में शिविर पूरे हो चुके हैं। अक्टूबर से बूथ स्तर पर प्रश...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 27 Aug 2026 09:02:09 AM (IST)Updated Date: Thu, 27 Aug 2026 09:02:09 AM (IST)
1985 के बाद कांग्रेस का बड़ा ट्रेनिंग अभियान। (फाइल फोटो)HighLights
- कांग्रेस ने 1985 के बाद कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण अभियान शुरू किया।
- 40 जिलों में दो दिवसीय आवासीय शिविर पूरे हो चुके।
- बाकी 31 जिलों में प्रशिक्षण 15 अक्टूबर तक पूरा होगा।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल: प्रदेश में 1985 के बाद अब कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिलवा रही है। अभी तक 40 जिलों में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर हो चुके हैं। बाकी 31 जिलों में 15 अक्टूबर तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यह क्रम यहीं नहीं थमेगा।
इसके बाद बूथ लेवल एजेंट, विधानसभा और पंचायत इकाइयों के अध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य कांग्रेस की आजादी में भूमिका, संविधान, मतदाता सूची की जांच, बूथ प्रबंधन से लेकर पदाधिकारियों की भूमिका पर चर्चा करना और उन्हें आगामी चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए तैयार करना है।
संगठन सृजन अभियान के माध्यम से नियुक्ति
- प्रदेश में पार्टी संगठन को सशक्त करने के लिए पहली बार संगठन सृजन अभियान के माध्यम से जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। ब्लाक अध्यक्षों का चयन भी आम सहमति से करवाया गया। पंचायत स्तरीय इकाई बनाई गई। पहले चरण में ब्लाक, मंडल और नगर अध्यक्षों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
- दो दिवसीय आवासीय शिविर में अलग-अलग सत्रों में इन्हें पार्टी की रीति-नीति, वर्तमान चुनौतियां, संगठन में पदाधिकारियों, महिलाओं की पार्टी से दूरी, युवाओं की अपेक्षा, मतदाता सूची की जांच, बूथ प्रबंधन से लेकर अन्य विषयों पर विस्तार से बताया जाता है।
प्रशिक्षण शिविर की महत्ता और दूसरा चरण
- प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि प्रशिक्षण शिविर की महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 40 जिलों में से 30 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने अलग-अलग सत्रों को संबोधित किया। 22 जिलों में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे। इंटरनेट मीडिया की भूमिका के बारे में पूरा एक सत्र होता है, जिसका अकाउंट नहीं होता है, वहीं खुलवाया जाता है।
- प्रशिक्षण के दौरान एक टीम बनकर कैसे काम करना है, किसकी क्या भूमिका है, महिलाएं कम क्यों आगे आ रही हैं, युवाओं से संवाद कैसे हो सहित अन्य विषयों पर चर्चा होती है। प्रशिक्षण का यह क्रम अब चलता रहेगा। दूसरा चरण अक्टूबर से प्रारंभ करेंगे और यह एक दिन का होगा। इसमें बूथ लेवल एजेंट, विधानसभा और पंचायत इकाई के अध्यक्षों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
विभाग और प्रकोष्ठों में होंगी नियुक्तियां
- अखिल भारतीय कांग्रेस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग कर दिए हैं। नई टीम का गठन दो स्तर पर करने की तैयारी है। पहले प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होंगे।
- अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक सहित अन्य विभागों के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाएंगे। इसके लिए पैनल बनाए जा रहे हैं। जो अध्यक्ष नियुक्त होगा, वह अपनी टीम बनाएंगे। जिला इकाइयों का गठन समन्वय समिति के माध्यम से करवाया जाएगा। इसमें स्थानीय सभी नेता रहते हैं।
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