
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के गांधी मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के सभी 13 शासकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत करीब 3,600 एमबीबीएस इंटर्न्स ने शनिवार से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल शुरू कर दी। इंटर्न्स वर्तमान में मिलने वाले 14,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह किए जाने की मांग कर रहे हैं।
हड़ताल के कारण अस्पतालों की नियमित ओपीडी और वार्ड सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए इमरजेंसी सेवाएं फिलहाल जारी रखी गई हैं। इंटर्न्स का कहना है कि उनकी मांग केवल स्टाइपेंड बढ़ाने की नहीं, बल्कि सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करने की भी है।
आंदोलन को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा), भोपाल और प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन का भी समर्थन मिल गया है। दोनों संगठनों ने सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। वहीं, वाइस ऑफ इंटर्न्स, मध्य प्रदेश संगठन ने दोनों संस्थाओं के समर्थन पर आभार जताया है।
संगठन के प्रतिनिधि डॉ. ऋतिक शर्मा के अनुसार, प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ वार्ता जारी है, लेकिन अभी तक कोई लिखित निर्णय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि सोमवार तक मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन भी आंदोलन में शामिल होकर ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करेगी। ऐसा होने पर हमीदिया सहित प्रदेश के बड़े सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं।