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3 साल में नशामुक्त होगा मध्य प्रदेश! 10 नए थाने, विशेष कोर्ट और टास्क फोर्स के साथ सरकार का बड़ा 'डेडलाइन प्लान'

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के 31 दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के बाद राज्य सरकार ने इसकी कार्ययोजना पर काम शु...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 11:03:22 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 11:03:22 PM (IST)
3 साल में नशामुक्त होगा मध्य प्रदेश! 10 नए थाने, विशेष कोर्ट और टास्क फोर्स के साथ सरकार का बड़ा 'डेडलाइन प्लान'
3 साल में नशामुक्त होगा मध्य प्रदेश

HighLights

  1. 31 दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
  2. एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनेगी, थाने 1 से बढ़कर 10 होंगे
  3. 5 पड़ोसी राज्यों से समन्वय बढ़ा ड्रग कॉरिडोर किया जाएगा ध्वस्त

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के 31 दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के बाद राज्य सरकार ने इसकी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर चर्चा हुई।

प्रदेश में तीन साल का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसके तहत एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने, नारकोटिक्स थानों की संख्या एक से बढ़ाकर 10 करने और उच्च शिक्षण संस्थानों को ड्रग-मुक्त बनाने की दिशा में काम होगा। इसमें सबसे अधिक ध्यान ड्रग माफिया के अंतरराज्यीय नेटवर्क को खत्म करने पर रहेगा।


अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने और सख्त कानूनी व्यवस्था की रणनीति

उच्च शिक्षण संस्थानों में ड्रग-मुक्त कैंपस फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। तस्करी के नेटवर्क की वित्तीय कड़ियां तलाशने पर भी जोर रहेगा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से अवैध तरीके से नशे की सामग्री को लाने-ले जाने को रोकने के लिए इन राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। संबंधित राज्य मिलकर कार्रवाई करेंगे। अपराधियों की अंतरराज्यीय आवाजाही, हथियारों की तस्करी और ड्रग के कारिडोर पर भी मिलकर कार्रवाई करेंगे।

एनडीपीएस मामलों के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना की भी तैयारी है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा, क्योंकि कई मामलों में निर्णय कैबिनेट से होगा। प्रदेश में अब तक 17 गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ पुलिस व अन्य एजेंसियों द्वारा किया जा चुका है।

नशामुक्ति की राह: इन बड़ी चुनौतियों से निपटने की तैयारी

प्रदेश को ड्रग-मुक्त बनाने के अभियान के सामने कई प्रमुख चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए योजना बनाई जा रही है...

  • राजनीतिक पहुंच व फ्रीहैंड: अभी तक पकड़े गए आरोपितों में कुछ की बड़ी राजनीतिक पहुंच भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और अन्य संबंधित एजेंसियों को फ्रीहैंड देना पड़ेगा।
  • अंतरराज्यीय नेटवर्क व गुप्त लैब: ड्रग के दूसरे राज्यों से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना और समाप्त करना। तस्करी के साथ प्रदेश में ही ड्रग तैयार करने की गतिविधियां सामने आ रही हैं। अब तक 17 गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ हो चुका है।
  • थाने और संसाधनों की कमी: प्रदेश में अभी सिर्फ एक नारकोटिक्स थाना है। इसे बढ़ाकर 10 करने की जरूरत बताई गई है। इसके लिए राशि का प्रबंध। पुलिस के नारकोटिक्स विंग में अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी होगी।
  • शिक्षण संस्थान व वित्तीय कड़ियां: उच्च शिक्षण संस्थानों तक ड्रग्स की पहुंच रोकना। केवल तस्करों को पकड़ना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके पैसे और संपत्ति तक पहुंचना भी जरूरी होगा।
  • अंतर-एजेंसी समन्वय व विशेष अदालतें: अलग-अलग एजेंसियों और राज्यों के बीच सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत करना होगा। एनडीपीएस मामलों के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना और मामलों के त्वरित निपटारे की जरूरत है।

प्रदेश में अब तक की बड़ी कार्रवाइयां

  • भोपाल (अक्टूबर 2024): भोपाल में 907 किलो एमडी ड्रग बरामद की गई थी। यह प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग पर पहली बड़ी कार्रवाई थी।
  • आगर-मालवा (जनवरी 2026): एमडी निर्माण प्रयोगशाला का भंडाफोड़, 31.250 किलो एमडी पाउडर जब्त किया।
  • मंदसौर (फरवरी 2026): दो यात्रियों से 8.172 किलो क्रिस्टल एमडी/मेथाम्फेटामाइन बरामद की गई।
  • महू इंदौर (फरवरी 2026): 43.820 किलो एमडी, केमिकल और उपकरण जब्त किए गए।

किस राज्य से आ रही कौन-सी नशीली सामग्री?

  • उत्तर प्रदेश: कोरेक्स कफ सीरप उत्तर प्रदेश से रीवा-सतना होते हुए प्रदेश में पहुंच रहा है।
  • महाराष्ट्र: एमडी ड्रग बनाने के लिए केमिकल महाराष्ट्र से लाया जा रहा है।
  • राजस्थान: एमडी ड्रग राजस्थान से लाई जा रही है। मध्य प्रदेश में बनी ड्रग भी खपाने के लिए बड़ी मात्रा में राजस्थान पहुंचाई जा रही है।
  • दिल्ली व उत्तराखंड: कफ सीरप जो नशे के लिए उपयोग किए जा रहे दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों से लाए जा रहे हैं।
  • छत्तीसगढ़ व आंध्र प्रदेश: गांजा आंध्र प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए प्रदेश में पहुंच रहा है। (जानकारी गिरफ्तार आरोपितों की पुलिस से पूछताछ के आधार पर)

एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने का प्रस्ताव तैयार करेंगे। इसके अतिरिक्त नारकोटिक्स थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी जो अभी एक है। दूसरे राज्यों से समन्वय भी बढ़ाएंगे, जिससे अंतरराज्यीय नेटवर्क को पता कर ध्वस्त किया जा सके। - डी श्रीनिवास वर्मा, एडीजी नारकोटिक्स