
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। कमल नाथ सरकार में कर्जमाफी के कारण बड़ी संख्या में किसान सहकारी समितियों के डिफाल्टर हो गए हैं। इनका ब्याज माफ कर इन्हें मुख्यधारा में जोड़ा जाए। किसानों को दिन में दस घंटे लगातार बिजली मिले। भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर ये मांगें रखीं।
मुख्यमंत्री ने किसान संघ के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि दस घंटे बिजली देने का वादा है, जिसे पूरा किया जाएगा। उन्होंने डिफाल्टर किसानों, सहकारी बैंकों और मंडी समितियों के चुनाव को लेकर विचार करने का भरोसा भी दिया। साथ ही किसान संघ से युवाओं को कृषि पाठ्यक्रमों और कृषि कार्यों के प्रति आकर्षित करने में सहयोगी भूमिका निभाने के लिए कहा।
बैठक में संघ के प्रतिनिधियों ने मंडियों में दस टन के तौल कांटे ए और बी श्रेणी की मंडियों में लगाने की मांग रखी। इस पर बताया गया कि 31 मंडियों में ये कांटे लग चुके हैं और बाकी में प्रक्रिया चल रही है। खाद की आपूर्ति को लेकर चर्चा में बताया गया कि कुछ जिलों में समस्या आ रही है। जहां वर्षा कम हुई है, वहां खाद की जरूरत भी कम होगी, इसलिए आपूर्ति उन जिलों में बढ़ाई जाए जहां वर्षा की स्थिति ठीक रही है।
मुख्यमंत्री ने पराली नियंत्रण के काम में मध्य प्रदेश को रोल मॉडल बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश स्तर पर सहकारी समितियों के गठन को गति देने में सहयोग की अपेक्षा जताई। साथ ही गेहूं, चना और बाजरा जैसी फसलों की खरीद और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति के लिए किए गए प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फार्मर आईडी व्यवस्था से खाद और यूरिया के स्टॉक की सही जानकारी मिल रही है। कम वर्षा वाले जिलों में बोरवेल खनन पर प्रतिबंध लगाने की पहल भी की गई है।