

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अगले तीन वर्षों में होने वाली अधिकारी-कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति और उनके स्थान पर प्रस्तावित नई भर्तियों का पूरा वित्तीय आकलन करा रही है। वित्त विभाग ने वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्तावों के साथ सभी विभागों से संवर्गवार और वर्षवार जानकारी मांगी है। इसमें सेवानिवृत्ति से होने वाली संभावित बचत, नए कर्मचारियों की नियुक्ति से बढ़ने वाला वेतन व्यय और रिक्त होने वाले पदों का ब्योरा शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2028 तक ढाई लाख नए और रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा की है। कुछ विभागों के भर्ती प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल तक पहुंच चुके हैं। वर्ष 2027 में 50 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी है। ऐसे में सरकार यह देखना चाहती है कि सेवानिवृत्ति के बाद वेतन मद में कितनी राशि बचेगी और नई नियुक्तियों से कितना अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।
वित्त विभाग ने विभागों से कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें नियमित, कार्यभारित एवं आकस्मिक सेवा, संविदा तथा अनुदान से वेतन-मानदेय प्राप्त करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।
विभागों को अगले तीन वर्षों के दौरान प्रत्येक संवर्ग में होने वाली सेवानिवृत्ति की संख्या बतानी होगी। इसके साथ यह जानकारी भी देनी होगी कि सेवानिवृत्ति अथवा अन्य कारणों से कितने पद रिक्त होंगे और उनमें से कितने पदों पर भर्ती प्रस्तावित है।
सरकार ने केवल पदों की संख्या नहीं, बल्कि प्रस्तावित नियुक्तियों पर होने वाले व्यय का अनुमान भी मांगा है। विभागों को यह बताना होगा कि नई भर्ती के बाद वेतन और अन्य संबंधित मदों में कितना अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
दूसरी ओर, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के कारण वेतन व्यय में होने वाली संभावित बचत का भी आकलन किया जाएगा। दोनों आंकड़ों की तुलना कर सरकार आगामी वर्षों में स्थापना व्यय की वास्तविक स्थिति का अनुमान लगाएगी।
प्रदेश की कुल राजस्व प्राप्तियों में स्थापना बजट की हिस्सेदारी करीब 34 प्रतिशत है। इसमें मुख्य रूप से कर्मचारियों से संबंधित वेतन और अन्य देनदारियां शामिल होती हैं। सरकार अब यह आकलन कर रही है कि अगले वर्षों में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति और नई भर्तियों के कारण इस वित्तीय भार में कितना बदलाव आएगा।
विभागों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सेवानिवृत्ति से होने वाली बचत और नई नियुक्तियों से बढ़ने वाले वेतन व्यय का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।
वर्ष 2027-28 के बजट की तैयारियों के लिए विभागों के साथ बैठकें आठ सितंबर से शुरू होंगी। इससे पहले वित्त विभाग को सभी विभागों के बजट प्रस्ताव और कर्मचारियों से संबंधित पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध कराना होगा।
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर आगामी बजट में वेतन, महंगाई भत्ता, राहत और अन्य स्थापना संबंधी देनदारियों के लिए प्रावधान तय किए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अनुमान तैयार करते समय हर वर्ष तीन प्रतिशत की वेतनवृद्धि सहित अन्य देनदारियों को भी शामिल किया जाएगा।