
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश के लिए प्रशासनिक दृष्टि से बुधवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। मुख्य सचिव अनुराग जैन की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में हुई तो वहीं 1991 बैच के आइएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को प्रदेश का नया मुख्य सचिव बनाया गया।

बेदाग छवि के बर्णवाल को लक्ष्य की पूर्ति करने वाले और तेजतर्रार अधिकारी के रूप में माना जाता है। वे वर्तमान में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा हैं। नियुक्ति के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की।
देश में नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नीति आयोग में मध्य प्रदेश के 1989 बैच के आइएएस अधिकारी अनुराग जैन की नियुक्ति की संभावना काफी दिनों से लगाई जा रही थी। उन्हें तीन अक्टूबर, 2024 को प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। 31 अगस्त 2025 को वह सेवानिवृत्त होने वाले थे लेकिन भारत सरकार ने एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया। इस अवधि के पूरा होने से पहले ही उन्हें नीति आयोग में सीईओ बना दिया गया।
प्रदेश में नए मुख्य सचिव के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोक बर्णवाल का चयन किया है। वे जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगे।
1991 बैच के अशोक बर्णवाल नीति आयोग के सीईओ बनाए गए अनुराग जैन के भरोसेमंद अधिकारी रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जैन की सिफारिश पर ही उन्हें मुख्य सचिव बनाया गया है। स्वास्थ्य, वन, पर्यावरण, कृषि, पिछड़ा वर्ग कल्याण और प्रशासन से जुड़े विभिन्न जटिल विभागों का कुशलतापूर्वक संचालन करने का 35 वर्षों का लंबा अनुभव है।
तकनीकी और प्रबंधकीय योग्यता में भी उनकी महारत हासिल है। उन्होंने बीटेक (माइनिंग इंजीनियरिंग) के साथ-साथ पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनकी यही पृष्ठभूमि नीतिगत चुनौतियों को तकनीकी और रणनीतिक दृष्टिकोण से हल करने में मददगार साबित होती है।
जटिल क्षेत्रों में पीपुल-फर्स्ट अप्रोच के चलते वर्तमान में वे अपर मुख्य सचिव (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, खाद्य सुरक्षा आयुक्त और भोपाल गैस त्रासदी राहत कार्यों जैसे संवेदनशील मामलों में उनके जनहित-प्रथम कार्यशैली के रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने उन पर भरोसा जताया है।
अशोक बर्णवाल उन अधिकारियों में से हैं जो दो मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव रहे हैं। अगस्त 2016 में शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें अपना प्रमुख सचिव बनाया तो 2018 में जब कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी तब भी वे प्रमुख सचिव थे।
अनुराग जैन के बाद प्रदेश में सबसे वरिष्ठ अधिकारी 1990 बैच के अपर मुख्य सचिव (जल संसाधन) डॉ. राजेश कुमार राजौरा हैं। चूंकि, बर्णवाल 1991 बैच के अधिकारी हैं इसलिए डॉ. राजौरा की मंत्रालय से विदाई होगी। अब तक ऐसा ही होता आया है ताकि कार्य संचालन में मुख्य सचिव को कोई परेशानी न हो।
1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी अनुराग जैन केंद्रीय मंत्रालयों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। जनधन योजना के सूत्रधार जैन ही थे।
बुनियादी ढांचे के विकास, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स और शासन सुधारों में उनके बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने उन्हें देश के इस शीर्ष नीति नियामक थिंक-टैंक की कमान सौंपी है। 31 अगस्त 2025 को वे मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें एक वर्ष की सेवावृद्धि दे दी थी। पिछले कुछ महीनों से कयास लगाए जा रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पसंद के चलते उन्हें नीति आयोग या पीएमओ में पदस्थ किया जा सकता है।
इसे संयोग कहा जाए या फिर पूर्वानुमान, अनुराग जैन को नीति आयोग में सीईओ बनाने का जब आदेश सार्वजनिक हुआ, उससे ठीक पहले उन्होंने टी पार्टी आयोजित की। इसमें सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को आमंत्रित किया गया।
सूत्रों का कहना है कि आयोजन की सूचना पहले आ गई थी और मुख्य सचिव के नीति आयोग में पदस्थ होने की खबर बाद में आई। यह आयोजन नए पदोन्नति नियम के क्रियान्वयन में विभागों द्वारा दिखाई गई तेजी के साथ यूसीसी बिल सहित अन्य कार्यों के ठीक से संपन्न होने के उपलक्ष्य में किया गया था।
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