
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भेंट की। एमपी हाईकोर्ट द्वारा 27 प्रतिशत आरक्षण (MP OBC 27 Percent Reservation) पर रोक लगाए जाने के बाद सरकार अब कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री की यह मुलाकात इसी सिलसिले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने की तैयारी में है।
उधर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार फिर से कोर्ट के पाले में गेंद डालकर ओबीसी वर्ग को भ्रमित करना चाहती है। यदि सरकार वास्तव में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण देने के पक्ष में है तो उसे विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विधेयक पारित कराना चाहिए।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस सर्वदलीय बैठक में पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहती है। ओबीसी वर्ग को उसका अधिकार मिलना चाहिए। कांग्रेस का रुख शुरू से ही साफ है कि वह 27 प्रतिशत आरक्षण के समर्थन में है। अब देखना होगा कि सरकार कोर्ट में क्या रुख अपनाती है और विशेष सत्र को लेकर क्या फैसला लेती है।
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