
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भले ही गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया हो, लेकिन मध्य प्रदेश के लोगों को बरसात के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों पर अगले तीन से चार दिनों के लिए ब्रेक लग गया है। मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के उत्तर प्रदेश की तरफ शिफ्ट होने के कारण शुक्रवार से प्रदेश में वर्षा के दौर में कमी आएगी।
मौसम केंद्र ने शुक्रवार को केवल पन्ना और सतना जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के बाकी हिस्सों में सिर्फ गरज-चमक के साथ छुटपुट बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। द्रोणिका खिसकने के कारण अगले तीन दिनों में दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
आमतौर पर मानसून आठ जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार इसने 9 जुलाई को यह मुकाम हासिल किया। हालांकि पिछले साल यानी 2025 की तुलना में यह काफी तेज है, क्योंकि पिछले वर्ष मानसून को पूरे देश में फैलने में 27 जुलाई तक का समय लग गया था।
द्रोणिका के शिफ्ट होने का असर गुरुवार को भी दिखाई दिया। पश्चिमी मध्य प्रदेश के बैतूल में 1.0 मिलीमीटर, ग्वालियर में 9.0 मिलीमीटर और नर्मदापुरम में केवल 0.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पूर्वी हिस्से के मंडला में सबसे ज्यादा 20.0 मिलीमीटर, टीकमगढ़ में 15.0 मिलीमीटर और मलाजखंड में 12.0 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि जबलपुर, सागर और सतना जैसे जिलों में नाममात्र की बौछारें ही पड़ीं। फिलहाल अगले 24 घंटों में मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।
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