
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के बीच अगले दो दिनों में मध्य प्रदेश के मौसम (Aaj Ka Mausam) में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा के आसार बन रहे हैं।
मौसम विभाग (IMD Rain Alert) के अनुसार, पश्चिमी जिलों में गुरुवार और शुक्रवार को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है। इस समय दो अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका असर मध्य प्रदेश पर पड़ रहा है।
मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक, बुधवार को शाजापुर, इंदौर, हरदा, राजगढ़, सीहोर और विदिशा जिलों में कहीं-कहीं हल्की से सामान्य बरसात दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी शाम के समय बादल छा गए और हवा की रफ्तार अचानक तेज हो गई। इससे पहले वाले दिन प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई थी।
धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, उज्जैन, आगर, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, गुना और सागर जिलों में 29 मिलीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। लगातार हो रही इस बारिश से तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, थाईलैंड और म्यांमार के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और अधिक तीव्र हो सकता है, जिसकी वजह से मध्य प्रदेश में वर्षा की संभावना बनेगी।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उत्तर हरियाणा के ऊपर भी चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इन दोनों प्रणालियों के असर से प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बादल और गरज-चमक की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने बताया कि 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम में और बदलाव आने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।