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एमपी में 23 सिंतबर को 'No UPI Payment Day', एमडीआर शुल्क के विरोध में स्कैनर को काले कपड़े से ढकेंगे व्यापारी

MP UPI MDR Fee Protest: मध्य प्रदेश में यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में व्यापारी संगठन गुरुवार को ‘नो यूपीआई पेमेंट डे’ मनाएंगे।

By naman MishraEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 10:13:40 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 10:13:40 PM (IST)
एमपी में 23 सिंतबर को 'No UPI Payment Day', एमडीआर शुल्क के विरोध में स्कैनर को काले कपड़े से ढकेंगे व्यापारी
डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त बोझ से भड़के एमपी के व्यापारी। (AI Generated Image)

HighLights

  1. थोक, सराफा और ऑटो मोबाइल कारोबार पर सीधा असर
  2. डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त बोझ से भड़के एमपी के व्यापारी
  3. 0.4% एमडीआर शुल्क लागू होने से बढ़ेगी व्यापार की लागत

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में व्यापारी संगठन गुरुवार को ‘नो यूपीआई पेमेंट डे’ मनाएंगे। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदेशभर के व्यापारियों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।

इस दौरान व्यापारी कुछ समय के लिए यूपीआई भुगतान स्कैनर को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध जताएंगे। व्यापारियों का कहना है कि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क से कारोबार की लागत बढ़ेगी।

0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क और 2000 रुपये की सीमा का विरोध

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया कि 15 अक्टूबर से दो हजार रुपये से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लागू होने की बात सामने आई है।

75 हजार रुपये या उससे अधिक के लेन-देन पर शुल्क की अधिकतम राशि तीन रुपये तक होने की बात कही जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार, सराफा और वाहन कारोबार जैसे क्षेत्रों में अधिकांश भुगतान दो हजार रुपये से अधिक के होते हैं।


किराना, सराफा और वाहन कारोबारियों पर पड़ेगा अतिरिक्त भार

भोपाल के थोक किराना बाजार में करीब पांच सौ थोक और खुदरा दुकानें हैं। व्यापारियों के अनुसार यहां 90 प्रतिशत से अधिक लेन-देन दो हजार रुपये से ज्यादा के होते हैं।

किराना कारोबारी अनिल कुमार साहू ने कहा कि व्यापारियों को पहले डिजिटल भुगतान की ओर प्रोत्साहित किया गया, अब शुल्क लगने से अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। सराफा कारोबारी नवनीत अग्रवाल के अनुसार 95 प्रतिशत से अधिक भुगतान दो हजार रुपये से ज्यादा के होते हैं।

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वहीं, वाहन कारोबार में एक बुकिंग का भुगतान ही 25 हजार से एक लाख रुपये तक होता है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भी दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर शून्य एमडीआर की मांग की है। चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री सहित प्रदेश के प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों को पत्र भेजकर शुल्क वापस लेने की मांग की है।