
नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जालसाज अब मोबाइल हैक कर लोगों के बैंक खातों और क्रेडिट कार्डों पर हाथ साफ कर रहे हैं। हाल ही में राजधानी के कोहेफिजा और मिसरोद इलाकों से आनलाइन ठगी के तीन बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों से 8.91 लाख रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार कोहेफिजा के खानू गांव निवासी सलमान अंसारी (27), जो एक कंपनी में कार्यरत हैं, साइबर ठगी का शिकार हुए। 21 से 23 मई के बीच उनका मोबाइल फोन उनकी अनुमति के बिना बार-बार स्वतः अपडेट होता रहा। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य तकनीकी प्रक्रिया समझा।
लेकिन 23 मई को जब उन्होंने यूपीआई के जरिए अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। तीन दिनों के भीतर उनके खाते से तीन किस्तों में कुल 2 लाख 96 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए थे।
कोहेफिजा के ही लालघाटी निवासी आर्चय चक्रवर्ती (34), जो सहायक लेखा अधिकारी हैं,उनके साथ भी ऐसी ही ठगी हुई। 15 जून को जब वे दोपहर में आराम कर रहे थे, तभी उनके मोबाइल से छेड़छाड़ की गई। डेढ़ घंटे बाद जब उन्होंने फोन देखा, तो मोबाइल के सभी एप्लीकेशंस डिलीट हो चुके थे और गूगल अकाउंट लॉगआउट था। अकाउंट दोबारा चालू करने पर उन्हें पता चला कि ठगों ने उनके एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड तथा एसबीआई खाते से कुल 2 लाख 14 हजार रुपये उड़ा दिए हैं।
मिसरोद इलाके में हरवंश विहार निवासी निखिल चौहान के पिता बीमार थे। उन्होंने यूट्यूब पर इलाज का वीडियो देखकर एक नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले फर्जी डाक्टर ने अपॉइंटमेंट और रजिस्ट्रेशन के नाम पर निखिल के मोबाइल पर एक लिंक भेजा। जैसे ही निखिल ने लिंक पर जानकारी भरी, उनका मोबाइल हैक हो गया। तीन दिन बाद उन्हें पता चला कि उनकेबैंक खाते से 3 लाख 79 हजार 692 रुपये पांच अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।