
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे के दौरान उनका विरोध करने जा रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई तथा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार, जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, रितिक शर्मा सहित कई कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से अटल भवन की ओर प्रदर्शन करने जा रहे थे। कार्यकर्ता नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर विरोध दर्ज कराना चाहते थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
घरों और कार्यालयों से भी हिरासत में लिया
पुलिस ने कई पदाधिकारियों को उनके घरों और कार्यालयों से भी हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं में अभिषेक परमार, अभिनव बरोलिया, आशुतोष चौकसे, राहुल मंडलोई, विरेंद्र मिश्रा, रोहित राजोरिया, अमित खत्री, अक्षय तोमर, आदित्य सोनी, धनजी गिरी और अमन पठान समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं।
लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित
रवि परमार ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी तय होने तक एनएसयूआई का आंदोलन जारी रहेगा।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को रोकना उचित नहीं है। त्रिपाठी ने कहा कि युवा वर्ग नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाब चाहता है और कांग्रेस तथा एनएसयूआई छात्रों के हितों की लड़ाई आगे भी लड़ते रहेंगे।
छात्रों और युवाओं को बड़ा भरोसा दिलाया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को भोपाल प्रवास के दौरान छात्रों और युवाओं को बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि नीट (NEET) परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने परीक्षार्थियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी पढ़ाई व तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
डिजिटल रूप से जुड़ेंगे खिलाड़ियों के रिकॉर्ड
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत खेल और शारीरिक शिक्षा को मुख्य पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। अब खिलाड़ियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और खेल की उपलब्धियों को उनकी अपार आईडी (APAAR ID) के माध्यम से डिजिटल रूप से कार्य-निष्पादन रिपोर्ट (परफॉर्मेंस रिपोर्ट) से जोड़ा जाएगा।
तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक कदम
इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश में पहली बार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में खेल कोटा (Sports Quota) लागू करने का प्रावधान किया जा रहा है। इससे खेल जगत से जुड़े होनहार छात्रों को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे।